भावांतर भुगतान योजना में अपंजीकृत किसानों को पंजीयन का एक और मौका 15 से 25 नवम्बर तक खुला रहेगा पोर्टल

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बैतूल – राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि खरीफ-2017 की भावांतर भुगतान योजना की पायलट योजना में पंजीकरण नहीं करा सके किसानों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15 से 25 नवम्बर, 2017 तक पंजीयन कराने का पुन: अवसर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि योजना में आठ फसलों सोयाबीन, मूंग, उड़द, मक्का, मूंगफली, अरहर, रामतिल और तिल का चयन किया गया है।
योजना में किसानों का 3500 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, जो गेहूँ तथा धान के ई-उपार्जन का पंजीयन करती हैं, के स्तर पर ही नि:शुल्क पंजीयन किया जायेगा। इस अवधि में मंडियों में पंजीयन नहीं होगा तथा कियोस्क के माध्यम से प्रेषित आवेदन मान्य नहीं होंगे। भावांतर भुगतान योजना के लिये तैयार किए गए पोर्टल पर पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा। योजना के पंजीयन के कार्यभार के आधार पर नये पंजीयन केन्द्र की जरूरत होने पर जिला कलेक्टर अतिरिक्त केन्द्र खोलने के लिए आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से स्वीकृति प्राप्त करेंगे। इस अवधि के पंजीयन में राजस्व अभिलेखों के साथ ही आधार कार्ड क्रमांक, बैंक खाता क्रमांक, आईएफएस कोड एवं मोबाइल नम्बर प्रदाय किया जाना जरूरी होगा।
15 से 25 नवम्बर, 2017 के मध्य पंजीयन के लिए आवेदक किसान को अपना आवेदन-पत्र मय आवश्यक जानकारी के पंजीयन केन्द्र (PACS) में जमा कराना होगा। हर पंजीयन केन्द्र में जमा सभी ऐसे आवेदन में दर्शाए गए संबंधित फसल के क्षेत्र की कलेक्टर द्वारा निर्देशित किए गए राजस्व/कृषि के मैदानी कर्मचारी द्वारा पुष्टि कराई जायेगी। आवेदन-पत्र की अन्य जानकारी पूरी प्राप्त होने तथा उसका सत्यापन सुनिश्चित हो जाने के बाद ही पंजीयन केन्द्र में 25 नवम्बर, 2017 तक आवेदन ऑनलाइन दर्ज किया जायेगा। पंजीकृत किसान के मोबाइल पर ऑनलाइन पंजीयन की सूचना दी जायेगी। पंजीकृत किसान 30 नवम्बर तक पंजीयन केन्द्र से ऑनलाइन पंजीयन क्रमांक संबंधी पर्ची प्राप्त कर सकेंगे। कोई भी ऑनलाइन पंजीयन 15 से 25 नवम्बर 2017 के मध्य भौतिक सत्यापन के बिना नहीं किया जायेगा।
सभी नये पंजीयन को पृथक पंजीयन क्रमांक दिये जायेंगे, जो नम्बर 7 (सात) से शुरू होंगे। उदाहरण स्वरूप पंजीयन क्रमांक 717011001001 में (7) नवीन पंजीयन, (17) वर्ष, (01100) सोसाईटी कोड (1001) कृषक कोड रहेगा। योजना के संबंध में पूर्व में समय-समय पर जारी आदेश, प्रावधान एवं शर्तें यथावत लागू रहेंगी।

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