गुजरात चुनावी मोर्चा मोदी के हाथ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच गुजरात चुनाव को लेकर मंत्रणा हुई। दोनों के बीच 182 सीटों पर चर्चा की गई। मंथन हुआ कि कौन से उम्मीदवार उतारे जाएं जिससे भगवा फिर से राज्य में शान से लहरा सके। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी व राज्य भाजपा प्रधान जीतू वघाणी भी बैठक में पहुंचे। राज्य प्रभारी भूपेंद्र यादव से भी रायशुमारी की गई। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि भाजपा की लिस्ट कब सामने आएगी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि उचित समय पर पार्टी अपने उम्मीदवारों का एलान करेगी। इस दौरान राज्य इकाई द्वारा तैयार की गई लिस्ट पर चर्चा की गई। मोदी व शाह ने उन नामों पर नजर डाली जिन्हें सूबे का नेतृत्व जिताऊ मानता है।

दो घंटे तक चली बैठक में चुनाव के हर पहलू पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी व राज्य भाजपा प्रधान जीतू वघाणी को कहा गया कि लोगों से संपर्क का सिलसिला तेज किया जाए। गुजरात चुनाव में 9 व 14 दिसंबर को मतदान होगा जबकि परिणाम की घोषणा 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ की जाएगी। उधर, भाजपा सूत्रों का कहना है कि पीएम 18 नवंबर से चुनाव मैदान में उतरेंगे। 32 जिलों में उनकी बड़ी रैलियां आयोजित होनी हैं तो बड़े शहरों में वह रोड शो भी करेंगे। भाजपा उनका गुजरात दौरा शुरू होने से एक दिन पहले यानी 17 नवंबर को टिकटों की घोषणा कर सकती है। पहले चरण में 89 नाम फाइनल हो सकते हैं।

चुनाव में किसी के साथ मंच साझा नहीं करेंगे: जिग्नेश

गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि वह चुनाव के दौरान कांग्रेस या किसी और राजनीतिक दल के साथ मंच साझा नहीं करेंगे, लेकिन उनका यह भी कहना था कि एक मात्र ध्येय भाजपा की हार को सुनिश्चित करना है। हार्दिक पटेल की सीडी को लेकर पूछे गए सवाल पर उनका कहना था कि ये सब भाजपा का किया धरा है। अगर दो लोगों के बीच में आपसी सहमति है तो किसी तीसरे को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि पाटीदारों को आरक्षण देने के कांग्रेस के फार्मूले पर उनका कहना था कि इस पर राजनीतिक दलों के साथ संविधान विशेषज्ञों को फैसला लेना है। उनका कहना था कि वह छह दिसंबर को अहमदाबाद में होने वाली अंबेडकर जयंती की सभा में शिरकत करेंगे। उनसे पूछा गया था कि चुनाव में वह क्या राहुल का हाथ थामेंगे?

मुस्लिमों ने दी कांग्रेस को चेतावनी

सूरत-पूर्व सीट पर टिकट न देने की स्थिति में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस को गंभीर परिणाम भुगतने की चुनौती दी है। स्थानीय कांग्रेस नेता फिरोज मलेक का कहना है कि समुदाय के लोग मान रहे हैं कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की सूची में मुस्लिमों की उपेक्षा कर सकती है। इसके विरोध में युवाओं ने विरोध का झंडा उठाया है।

आइपीएस अफसर का इस्तीफा

अहमदाबाद: छोटा उदयपुर जिले में तैनात रहे प्रमोटी आइपीएस अफसर पीसी बरांडा ने त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकृत कर लिया है। उनका यह भी कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें भरोसा दिया है कि भिलोड़ा विधानसभा सीट से उन्हें टिकट दी जाएगी। कांग्रेस के बुजुर्ग नेता अनिल जोशीहारा फिलहाल यहां से विधायक हैं।

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