सुख शांति के लिए शनि की उपासना, लाखों श्रद्धलुओं ने किए दर्शन

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शनिचरी अमावस्या पर मुरैना जिले के एंती ग्राम में स्थित प्राचीन शनिधाम पर विशाल मेला का आयोजन सम्पन्न हुआ। लाखों श्रद्धालुओं ने यहां आकर सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति के लिए शनिदेव के दर्शन किये और प्रार्थना की। जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता इन्तजाम किये गये। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। कलेक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार व पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य प्रताप सिंह के निर्देशन में अधिकारी व पुलिस के अलावा विभिन्न अधिकारी मेला अवधि के दौरान स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहे। जिसमें विशाल भण्डारे, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, साइनवोर्ड, पुलिस फोर्स, स्नानागार, सुलव काम्पलेक्स आदि की पुख्ता प्रबंध किये है।
इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सोनियां मीणा, अपर कलेक्टर श्री एस.के.मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानियां, एसडीएम मुरैना सहित, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर सहित स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, नगर पालिका सहित अन्य विभागों द्वारा अपने अपने कार्य के प्रति सम्वेदन शील रहे।
ज्ञातव्य हो कि शनिचरा के नाम से विख्यात यह मंदिर त्रेता युग का है, जहां श्रद्धालुओं द्वारा शनि पर्वत की 13 कोस की परिक्रमा लगाकर शनिदेव को प्रसन्न किया जाता है। माना गया है कि महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर में प्रतिस्थापित शनिशिला भी सन् 1817 में इसी शनि पर्वत से ले जाई गई थी जो खुले आकाश में एक विशाल चबूतरें पर स्थापित है। यह शनि की ही कृपा फल का चमत्कार है कि शनि सिंगणापुर के किसी भी घर में दरवाजों पर ताले नहीं लगते हैं और चोरों का भय नहीं है।

शनीचरी अमावश्या के मेले में बडी संख्या में उमडे श्रद्धालु
प्रशासनिक व्यवस्थायें रही चाकचौबन्द

जिले के प्रसिद्ध शनिधाम मंदिर एंती में शनीचरी अमावश्या पर विशाल मेला लगा। भारी संख्या में दूर दूर से आये श्रृद्धालुओं ने आकर दर्शन किये। जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं के संबंध में व्यापक इन्तजाम किये गये। इसके अलावा भण्डारे के स्टॉल लगाये गये। भीषण गर्मी को देखते हुए चिकित्सा सेवा आदि के विशेष व्यवस्थायें की गई। स्वास्थ्य सुविधायें भी मुहैया कराई गई।

कलेक्टर ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर लिया व्यस्थाओं को जायजा

कलेक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार ने शनीमंदिर पहुचकर दर्शन किये व व्यवस्थयें देखी। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपनी अपनी जिम्मेदारी का भलीभांति निर्वहन करें। मेले में आने वाले श्रृद्धालुओं को विशेष ध्यान रखें।

पुलिस व्यवस्था रही चौकस

पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य प्रताप सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानियां के निर्देशन पर पुलिस व्यवस्था मुकम्बल रही। पुलिस के साथ एसएएफ, नगर सेना, ग्राम कोटवार, स्काउण्टगाइड, श्रृद्धालुओं की सुरक्षा मे तैनात रहे।

श्रृद्धालुओं ने मेडीकल बूथ का लिया लाभ

कलेक्टर के निर्देश में स्वास्थ्य विभाग ने मेला क्षेत्र में अस्थाई अस्पताल बनाकर तैनात किया गया था, जिसमें लोगों आवश्यकता पडने पर लाभ उठाया।

पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान

तहसीलदार ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए श्रृद्धालुओं को पेय जल उपलब्ध हो इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया। पेयजल पानी टेकर में भरकर श्रृद्धालुओं को उपलब्ध कराया गया। समाज सेवी श्री शशी गोयल का भी विशेषयोगदान रहा।

फूल बंगला सजाया गया

शनिमंदिर पर फूलबगला सजाया गया है जहां मोगरा, गेंदा एवं आम-जामुन के पत्तो से फूलबगला सजाया गया था।

शनि पर आधारित

शनिग्रह सौर मंडल का सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है और व्यक्ति के कर्मानुसार अच्छे बुरे कर्मफल का निर्णायक होने के कारण शनिदेव को मृत्युलोक का न्यायाधीश माना गया है। शनि को क्रूर ग्रह मानकर लोग भयभीत रहते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनिदेव की अनुकूलता और प्रतिकूलता व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है। इनकी कुदृष्टि के कारण ही सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र को राजपाठ त्यागकर मरघट पर डोम की नौकरी करनी पडी थी और अपने इकलौते पुत्र रोहित की मृत देह के संस्कार के लिए अपनी पत्नी तारामती से कर मांगना पडा था। राजा नल और दमयंती के विछोह की कहानी भी इन्ही शनि की प्रतिकूलता का परिणाम रही होगी। शनि के शुभ प्रभाव से दीर्घकालिक प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है, जबकि अशुभ प्रभाव होने पर अपार दु:ख और मानसिक अशांति का सामना करना पडता है।

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