बड़ा मलहरा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूलों का भविष्य अंधकार में  भगवान भरोसे चल रहे हैं शासकीय प्राथमिक विद्यालय

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एस सी एन न्यूज दमोह

शिक्षको की अनुपस्थिति में कही स्कूलो में तालाबंदी है तो कही, शिक्षक समय से स्कूल नही पहुंचने से बच्चो की पढाई प्रभावित हो रही है। अधिकारियो की सुस्त कर्रवाई से मध्यान्ह भोजन व्यवस्था भी मनमाने ढंग से चल रही है।
शासकीय प्राथमिक शाला मलपुरा की हालत बेहद दयनीय है। स्कूल में दर्ज 87 बच्चो के अध्यापन कार्य हेतू शाला में दो शिक्षक पदस्थ्य किये गये है। ग्रामीणो के अनुसार शिक्षको में जुगलबंदी है। कभी श्रीमति रीना जैन तो किसी दिन श्रीमति उमादेवी मिश्रा स्कूल में उपस्थित होती है। सोमवार को दोपहर 12: 25 बजे स्कूल में लगभग 35 बच्चो को श्रीमति रीना जैन पढा रही थी जबकि, शाला प्रभारी श्रीमति उमादेवी मिश्रा स्कूल से गायब थी। स्कूल में उपस्थित शिक्षिका बच्चो की उपस्थिति भी नही बता पाई वह बताती है कि, उपस्थिति पंजी शाला प्रभारी अपने साथ रखती है इसी कारण आज बच्चो की उपस्थिति भी नही लग सकी। बब्लू लोधी के बच्चे हेमंत कक्षा 2 व भारती कक्षा 4 में पढते है। संतोष रैकवार का बेटा आशीष कक्षा 4,बाबू कक्षा 2 व बेटी शायना कक्षा 3 में पढती है। दोनो अभिभावको ने शाला प्रभारी उमादेवी पर आरोप लगाते हुऐ कहा कि, वह बच्चो के जाति प्रमाणपत्र देने के ऐवज में प्रति छात्र के हिसाब से 5 सौ रुपये मांग रहे है। शाला प्रबंधन समिति स्कूल में लापरवाही पूर्वक बच्चो को मध्यान्ह भोजन परोस रही है। न तो मीनू का ध्यान रखा जा रहा है और खाने की गुणबत्ताओ से भी परहेज रखा जा रहा है। सरकार में मध्यान्ह भोजन पकाने के लिये गैस चूल्हे दिये है लेकिन, स्कूल परिसर में रसोईया लकडी का चूल्हा जलाकर खाना बना रही थी। रसोईया ने बताया कि, शाला प्रभारी गैस चूल्हा घर पर उपयोग करती है मांगने पर वह कहती है कि, खाना बनाने में धुआं लगता है तो गैस चूल्हे का इंतजाम अपने घर से करो।
दोपहर 01: 05 बजे प्राथमिक शाला खैरी में शिक्षक और छात्र गायव थे और तालाबंदी थी। ग्रामीणो ने बताया कि. शाला में पवन विरथरे व हजारीलाल साहू शिक्षक के रूप में सेवाऐं दे रहे है। गांव में लंबे समय से इसी तरह स्कूल चल रहा है। लापरवाह शिक्षको की निगरानी करने कभी भी कोई जिम्मेवार अधिकारी नही आता है। बच्चो के भविष्य को ध्यान में रखते हुऐ मजबूरी बस अपने बच्चो को भगवां स्थित निजी स्कूलो में प्रवेश दिलाना पडा।
दोपहर 01:45 बजे शाला में लंच के दौरान बच्चे खिचडी खा रहे थे। बच्चो ने बताया कि आज हमें आज खिचडी खिलाई गई है। रोज आलू की सब्जी रोटी दी जाती है। पूडी, पराठा और खीर के दर्शन ही दुर्लभ है। शासकीय माध्यमिक शाला कुवंरपुराकला में उपस्थित सहायक अध्यापक ने बताया कि, स्कूल में दर्ज 216 बच्चो के अध्यापन कार्य हेतू 3 नियमित व 2 अतिथि शिक्षक पदस्थ्य है। विगत चार माह पूर्व शाला प्रभारी बिजय मिश्रा को बीआरसी कार्यालय में अटैच किया गया है। इसके बाद से शाला का प्रभार किसी अन्य शिक्षक के पास न होने से व्यवस्थाऐं डगमग है यहाँ तक की बच्चो के खाते में गणवेश राशि भी नही डाली जा सकी है।

दिलीप अग्रवाल

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