मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं कौशल सम्मेलन में 403 हितग्राहियों को 6 करोड़ 34 लाख के ऋण वितरित

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बैतूल, – नगर पालिका अध्यक्ष श्री अलकेश आर्य ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है। युवाओं से अपेक्षा है कि वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सक्षम बनें। युवाओं को रोजगार मांगने वाले न बनकर रोजगार देने वाले बनना चाहिए। श्री आर्य शुक्रवार को स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं कौशल सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में 403 हितग्राहियों को विभिन्न तरह के स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 6 करोड़ 34 लाख रूपए के ऋण वितरित किए गए। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री शशांक मिश्र, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री नरेश फाटे, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री आनंद प्रजापति, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजआशीष पाण्डे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद थे।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में छोटे-छोटे रोजगार स्थापित करने का समय है। छोटे रोजगार बेरोजगार युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में काफी कारगर साबित होते हैं। ऐसे ही छोटे व्यवसाय स्थापित कर अनेक युवा अपने व्यवसाय को बड़े टर्न ओवर तक पहुंचाने में सफल हुए। युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के पहले अपनाए जाने वाले व्यवसाय की मजबूत सोच पैदा करना चाहिए। इसी सोच को साकार कर वे स्वयं को व्यवसाय में समृद्धता से स्थापित कर सकते हैं। यह बात भी महत्वपूर्ण है कि नए व्यवसाय के साधन खोजने पर क्षेत्र में आर्थिक सक्षमता भी बढ़ती है। कोई व्यवसाय स्थापित करने में शुरुआत में कठिनाई हो सकती है, पर मेहनत के साथ आगे बढऩे पर हमें अच्छी सफलता मिलती है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में युवाओं को स्वरोजगार में स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इकाई अच्छा काम कर रही है। इस मेले में विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर लगभग 650 लोगों को रोजगार प्रस्तावित किया गया है। कार्यक्रम को नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री आनंद प्रजापति एवं जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजआशीष पाण्डे ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में 403 हितग्राही लाभान्वित
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं से 403 हितग्राही लाभान्वित किए गए, जिन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 6 करोड़ 34 लाख रूपए का ऋण अतिथियों द्वारा वितरित किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 248 स्व सहायता समूहों को नगद साख सीमा के रूप में 248 लाख रूपए का ऋण इस दौरान प्रदान किया गया। इसी तरह जिला अंत्यवसायी विभाग द्वारा 22 हितग्राहियों को 115 लाख रूपए, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा 54 हितग्राहियों को 168 लाख रूपए, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 37 हितग्राहियों को 61 लाख रूपए, नगर पालिका द्वारा 10 हितग्राहियों को 80 हजार रूपए एवं तीन हितग्राहियों को ऑटो रिक्शा वितरित किए गए। इस आयोजन में प्रमुख रूप से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों की प्रमुख भूमिका रही।
विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए
कार्यक्रम स्थल पर स्वरोजगार के माध्यम से अपना व्यवसाय करने वाले हितग्राहियों को प्रदर्शित करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए। आईटीआई द्वारा कौशल विकास के संबंध में अपना स्टॉल प्रदर्शित किया गया, जिसका अतिथियों ने अवलोकन किया। अंत में जिला अग्रणी बैंक अधिकारी श्री आरके सिन्हा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक उद्योग केन्द्र श्री आत्माराम सोनी, उप संचालक उद्यानिकी डॉ. आशा उपवंशी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. अमरनाथ सिंह, जिला रोजगार अधिकारी श्री लक्ष्मणसिंह सिलाटे, प्राचार्य आईटीआई श्री बीआर टांडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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