रिश्वतखोर मंडी सचिव पर लोकायुक्त का शिकंजा, 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

Scn news अभिषेक जैन

सागर लोकायुक्त ने दमोह मंडी के सचिव को पकड़ा- दमोह। कृषि उपज मंडी में अपने भ्रष्ट कारनामों के कारण लंबे समय से चर्चित सचिव कमलेश रैकवार के ऊपर आखिरकार सागर से आई लोकायुक्त टीम ने शिकंजा कसते हुए 10 हजार की रिश्वत लेते बुधवार की रात रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। दमोह कृषि उपज मंडी में कैंटीन का संचालन करने वाले पूर्व सफाई ठेकेदार राजेश व्यास का करीब 97 हजार का सफाई ठेके का पुराना बिल बकाया पड़ा था। जिसका भुगतान करने में मंडी सचिव केके रैकवार द्वारा लगातार आनाकानी की जा रही थी। नए साल की पूर्व बेला में 29 दिसंबर को राजेश उपाध्याय ने मंडी सचिव को पुनः बिल भुगतान करने निवेदन किया तो वह 20 हजार की रिश्वत के बदले बिल पास करने तैयार हो गए। जिसके बाद राजेश उपाध्याय ने रुपयों का इंतजाम करने का बहाना बनाकर मंडी सचिव को जल्द ही 20 हजार रुपये देने की बात कही। वहीं उन्होंने सागर लोकायुक्त को भी इस पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद बुधवार की रात दमोह पहुंची लोकायुक्त टीम ने 10 हजार की रिश्वत अपने आवास पर लेते हुए मंडी सचिव कमलेश रैकवार को रंगे हाथों धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने के बाद मंडी सचिव के के रैकवार को जमानत दे दी है। इस कार्यवाही की भनक लगते ही बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों से लेकर मंडी सचिव से परेशान किसान तथा व्यापारी वर्ग से जुड़े लोगों का जमावड़ा उनके आवास के बाहर लग गया। इस दौरान वह खबरनवीस भी अपने मोबाइल तथा कैमरे चमकाते नजर आए जो नियमित तौर पर मंडी सचिव से विज्ञापन रूपी रकम वसूलते रहते थे। मंडी सचिव के खिलाफ नए साल में रिश्वतखोरी का मामला ट्रेस होने से मंडी में सक्रिय दलाल नुमा तत्वों के चेहरे पर हवाइयां उड़ती नजर आई। वही किसानों के नाम पर मंडी सचिव से सांठगांठ करके भावांतर योजना तहत उड़द को ठिकाने लगाने वाले कतिपय व्यापारी गण भी सकते में नजर आए। देखना होगा इस कार्यवाही के बाद कृषि उपज मंडी में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा मनमानी के हालात में सुधार हो पाता है अथवा नहीं

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