मोरखा में एकात्म यात्रा का भव्य स्वागत आदि गुरू शंकराचार्य के एकात्मवाद के सिद्धांतों को आत्मसात करने की जरूरत- डॉ. मुक्तानंदपुरी जी महाराज

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मोरखा एवं मुलताई में हुआ जनसंवाद
बैतूल, – मां नर्मदा के तट पर भारतीय अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना के आधार स्तंभ, सांस्कृतिक एकता और मानव मात्र में एकात्मता के उद्घोषक तथा अद्वेतवाद के अजेय योद्धा आदि शंकराचार्य ने दिव्य ज्ञान प्राप्त किया। प्रदेश सरकार द्वारा ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना के लिए धातु संग्रहण एवं उनके अद्वेत वेदांत दर्शन के प्रति जनजागरण अभियान संचालित करने के उद्देश्य से एकात्म यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस एकात्म यात्रा ने 16 जनवरी को जिले में प्रवेश किया। प्रवेश स्थल ग्राम मोरखा में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मोरखा एवं मुलताई में जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
यात्रा के जिले के ग्राम मोरखा में छिंदवाड़ा जिले से प्रवेश होते ही पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान आदि गुरू शंकराचार्य की चरण पादुकाओं को उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा सिर पर धारण कर छिंदवाड़ा जिले से प्राप्त किया गया एवं साथ में चल रही धर्मध्वजा भी प्राप्त की गई। मोरखा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में यात्रा के साथ चल रहे अलवर के संत परमहंस डॉ. मुक्तानंदपुरी जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश की पावन भूमि पर उज्जैन एवं ओंकारेश्वर जैसे पवित्र स्थान हैं। प्रदेश में आदि गुरू शंकराचार्यजी ने गुरू दीक्षा प्राप्त की, इसलिए यहां की धरा और भी पवित्र हो जाती है। आदि गुरू शंकराचार्यजी का एकात्म मानववाद का सिद्धांत विभिन्न मत-मतान्तर, धार्मिक भेदभाव एवं नास्तिकता को दूर करता है। उनके सिद्धांतों को स्वीकार कर हम समाज में समरसता का माहौल तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्यजी कहते थे कि हम सब मनुष्य हैं, मनुष्य के अलावा कुछ नहीं। समाज के सभी वर्ग महत्वपूर्ण हैं, न कोई छोटा है न बड़ा है। आज भी हमारे देश एवं समाज को पुन: आदि गुरू शंकराचार्य के इन सिद्धांतों का पालन करने की जरूरत है ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकें। इस दौरान गाडरवाड़ा से पधारे श्री बालकदासजी महाराज ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्यजी के अद्वेतवाद के सिद्धांत हम सभी के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अतिथि देवो भव: की परंपरा एकात्मवाद संस्कृति का ही स्वरूप है। कार्यक्रम में जबलपुर से पधारे श्री सुदर्शनजी महाराज एवं श्री गणेशगिरी जी महाराज भी मौजूद थे। इसके पूर्व यात्रा के सह प्रदेश प्रभारी श्री शिवनारायण पटेल एवं मप्र रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमन्त देशमुख ने आदि गुरू शंकराचार्यजी की जीवनी एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम स्थल पर पूरे समय विद्यार्थियों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। साथ ही कन्या पूजन एवं वृद्धजनों का सम्मान भी किया गया। इस दौरान ओंकारेश्वर में आदि गुरू शंकराचार्यजी की प्रतिमा निर्माण हेतु विभिन्न ग्रामों से आई मिट्टी एवं कलश का भी पूजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पधारे हुए संतों एवं धर्मगुरूओं का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूरजलाल जावरकर, विधायक आमला श्री चैतराम मानेकर, विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख, जिला योजना समिति सदस्य श्री जितेन्द्र कपूर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान मोरखा में समरसता भोज का भी आयोजन किया गया। मोरखा से मुलताई के बीच यात्रा का ग्रामीण क्षेत्रों में भी भव्य स्वागत हुआ। कार्यक्रम के दौरान मंच समन्वय जन अभियान परिषद् के जिला उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर द्वारा किया गया।
अतिथियों ने ग्राम मोरखा में नवनिर्मित आदि गुरू शंकराचार्य उद्यान का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री शशांक मिश्र, पुलिस अधीक्षक श्री डीआर तेनीवार भी मौजूद रहे।
17 एवं 18 जनवरी के कार्यक्रम
17 जनवरी को प्रात: 8 बजे मुलताई से यात्रा प्रस्थान करेगी। यह यात्रा प्रात: 8.15 बजे परमंडल, 8.30 बजे मोही, 8.45 बजे ससुन्द्रा, 9 बजे पंखा एवं 9.15 बजे बैतूलबाजार पहुंचेगी। इसके पश्चात् पूर्वान्ह 12.30 यह यात्रा बडोरा से ओव्हरब्रिज से प्रवेश करेगी। यहां से गेंदा चौक, शिव मंदिर चौक, कारगिल चौक होते हुए अपरान्ह 1.30 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचेगी, जहां जनसंवाद कार्यक्रम होगा। यात्रा का रात्रि विश्राम बैतूल में होगा।
18 जनवरी को एकात्म यात्रा प्रात: 8.30 बजे कॉलेज चौक से निकलेगी, 8.35 बजे गणेश चौक, 8.40 बजे लल्ली चौक, 8.45 बजे बस स्टेण्ड कोठीबाजार, 8.50 बजे पेट्रोल पंप, 8.55 बजे अम्बेडकर चौक, 9 बजे कारगिल चौक, 9.05 बजे पीपल चौक, 9.10 बजे गेंदा चौक, 9.15 बजे ओव्हर ब्रिज एवं 9.20 बजे डॉन बॉस्को होते हुए प्रात: 9.30 बजे ग्राम दनोरा पहुंचेगी। प्रात: 9.40 बजे भडूस, 9.50 बजे महदगांव, 10 बजे डहरगांव, 10.15 खेड़ी सांवलीगढ़, दोपहर 12 बजे देवगांव, 12.15 बजे हिवरखेड़ी, 12.30 बजे गढ़ा, 12.45 बजे कुम्हली, दोहपर एक बजे दनोरा, 1.15 बजे जीन जोड़, 1.30 बजे जोगली होते हुए दोपहर 3 बजे चिचोली में नगर भ्रमण के पश्चात् जनसंवाद करेगी। रात्रि विश्राम चिचोली में करने के पश्चात् 19 जनवरी को यात्रा हरदा के लिए प्रस्थान करेगी

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