गांव को मिली आजादी के सत्तर दशक बाद सड़क  की सौगात

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प्रद्युम फौजदार
छतरपुर/ आजादी के सत्तर दशक गुजर जाने के बाद सूरजपुरा खुर्द गांव को प्रशासन की सक्रियता और सहयोग से सड़क की सौगात मिल सकी। बडामलहरा जनपद पंचायत क्षेत्र के सूरजपुरा खुर्द गांव के लोग देश की आजादी के बाद से लेकर बर्तमान दौर तक पहुंच मार्ग को लेकर सपने संजोये बैठे थे आखिरकार प्रशासन ने उसे पूरा कर दिया इस कार्य को बखूबी अंजाम देने में पुलिस प्रशासन के सहयोग से एसडीएम राजीव समाधिया ने अहम् भूमिका निभाई। बडामलहरा जनपद पंचायत की सूरजपुरा खुर्द गांव के युवा सरपंच अजीत सिंह राजपूत ने बताया कि 1659 की आबादी वाले इस गांव में 350 परिवार निवास करते है मगर पहुंच मार्ग न होने ग्रामीण खासे परेशान थे जिससे न केवल गांव का विकास अबरूद्व था बल्कि आवागमन के अभाव में प्रसव वेदना से कराहती महिलाओं को चारपाई पर दो से तीन किलोमीटर दूर तक सिर पर रखकर लाना पड़ता था। इस गांव में सड़क निर्माण के प्रयाश तो हुऐ है लेकिन व्यवधानों के चलते सारे प्रयास विफल होते रहे इस सड़क निर्माण के लिये साल 2000 में मुरमीकरण हेतु जेआरबाई के तहत जनपद पंचायत द्वारा 25 हजार की धनराशि स्वीकृत की गई थी इसके बाद साल 2003 में 5 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई किन्तु सड़क का निर्माण नहीं हो सका साल 2011 में मनरेगा के तहत् राशि स्वीकृत हुई कुछ काम भी हुआ किन्तु फिर से व्यवधान के चलते ग्राम पंचायत को निर्माण कार्य बीच में ही बन्द करना पड़ा और तभी से इस सड़क का काम बन्द था ।
गुजरे माह ग्राम पंचायत के संरपच अजीत सिंह राजपूत ने अपने जज्बे को सम्हालते हुये पंचायत निधि से कार्य प्रारंभ करबाया किन्तु इसमे निजी भू स्वामीयों ने काम अबरूद्व करा दिया सरपंच ने वास्तविकता से एसडीएम राजीब समाधिया को अबगत कराया एसडीएम राजीव समाधिया ने व्यक्तिगत रूचि लेकर तथा एसडीओपी प्रमोद कुमार सारस्बत का सहयोग लेकर लोगों से सम्पर्क उन्हें समझाईस दी और आपसी समझौते के आधार पर सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया।एसडीएम राजीव समाधिया ने बताया कि इस सड़क का मुरमीकरण करा दिया गया है उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल करने हेतु जिला पंचायत सीईओ से चर्चा की जिस पर स्वीकृति हेतु सीईओ जिला पंचायत ने प्रपोजल विभाग को भेज दिया है।

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