बडामलहरा कोआपरेटिव बैंक का घोटाला हुआ बेनकाब

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★किसानों के नाम समिति प्रबंधकों ने बेदर्दी से हड़पी धनराशि
★समिति प्रबंधक ने घर के सदस्यों के नाम निकाली लाखों की धनराशि

छतरपुर से प्रद्युम्न फौजदार की रिपोर्ट
छतरपुर। सहकारी बैंक बड़ामलहरा अंतर्गत समितियों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड एवं कैश क्रेडिट खाद खाते से करोड़ों की राशि को मनमाने ढंग से किसानों के खातों में डलवाकर बेदर्दी के साथ हड़प लिए । इनमें कई किसान तो ऐसे हैं जो समिति प्रबंधकों के परिवार के लोग हैं या फिर सगे रिश्तेदार। शासन के नियमों के अनुसार जहां किसानों को दिए जाने वाले लोन की रकम अधिकतम 3 लाख रूपए है। वहीं प्रबंधकों ने सारे नियमों को ताक पर रखकर 6 लाख व उससे अधिक की राशि खातों में ट्रांसफर करा ली है। जांच के आदेश के बाद अब जांच अधिकारियों को भी प्रभावित करने या धमकाने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
मंत्री के साथ करीबियां जाहिर करने वाले प्रबंधक की समिति में भी लाखों का गबन
डिकौली समिति प्रबंधक हरिओम अग्रिहोत्री, जो कि अक्सर मंत्रियों के स्वागत के बैनर पोस्टर में देखे जा सकते हैं। अपने आपको मंत्रियों का करीबी बताते हैं। यही वजह है कि बड़े घोटाले करने में ये किसी से पीछे नहीं है। पूर्व में लोकायुक्त सागर की टीम ने इनके छतरपुर स्थित निवास पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों के मामले में छापामार कार्यवाही की थी जिसका केस अभी भी चल रहा है। सहकारी समितियों के घोटालेबाजों की लिस्ट में डिकौली समिति प्रबंधक का नाम भी शामिल है। वहीं समिति प्रबंधक हरिओम अग्रिहोत्री का कहना है कि मैंने केसीसी से पैसे निकाले हैं लेकिन उन्हें समय पर जमा भी करता हूं।
अपने और बेटों सहित परिजनों के नाम ट्रांसफर किए 24 लाख रूपए
समिति प्रबंधक जैसे मलाईदार पद पर बैठकर हरिओम अग्रिहोत्री ने न सिर्फ अपने खाते में बल्कि अपने बेटों शशिकांत, रविकांत और गिरजा अग्रिहोत्री के खातों में 6-6 लाख रूपए ट्रांसफर करा दिए। इसके अलावा महेश मिश्रा 6 लाख, धर्मराज सिंह 5.18 लाख, दिनेश यादव 5 लाख, धनीराम यादव 5 लाख, पृथ्वीराज सिंह 4.93 लाख, राव राजा 4.84 लाख, राम सिंह यादव 4.25, बरजोर सिंह 4 लाख, जगनलाल यादव 4 लाख, राम बिहारी 4 लाख, बलराम यादव 3.50 लाख, राजादेवी जैन 3.50 लाख, दिलीप जैन 3.50 और हेमंत जैन को भी 3.50 लाख का ऋण वितरित किया गया।
समिति प्रबंधक और जांच दल में हुई बहस, कहा मंत्री के बगले पर लगेगी क्लास
केन्द्रीय सहकारी बैंक बड़ामलहरा में जब जांच दल पहुंचा तो वहीं पहले से मौजूद सेंधपा सोसायटी के समिति प्रबंधक जाहर सिंह ने जांच टीम से कहा कि तुम्हारी औकात कैसे हो गई हमारी सोसायटी की जांच करने की। मंत्री विश्वास सारंग के बंगले पर तुम्हारी पेशी लगवाई जाएगी। इस पर जांच टीम के सदस्य भी भडक़ गए उन्होंने कहा कि लगवा देना मंत्री के यहां पेशी। इससे यह तो स्पष्ट है कि समिति प्रबंधकों पहुंच सहकारिता मंत्री तक है। जो बड़ामलहरा ब्रांच में चर्चा का विषय रहा।
सेंधपा सोसायटी ने फसल बीमा के डकारे दो करोड़ रूपए
केन्द्रीय सहकारी बैंक बड़ामलहरा के अंतर्गत सेंधपा सोसायटी में एक नया घोटाला सामने आया है। जिसमें किसानों की फसल के बीमा के नाम पर करीब दो करोड़ रूपए की राशि जनवरी 2017 में आयी थी वह समिति और बैंक के अधिकारियों ने मिलीभगत कर समिति के खाते से आहरण कर ली। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि यह राशि किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंकों के बचत खाते में पहुंचाई जानी थी लेकिन किसानों के खातों में न पहुंचाकर सीधे सोसायटी के खाते से निकल गई। बैंक घोटाले की खबरें जबसे मीडिया में आनी शुरू हुई हैं तबसे नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। इन घोटालों से मप्र शासन के मुखिया शिवराज सिंह की जहां छवि खराब हो रही है वहीं किसानों का पैसा गबन कर समिति प्रबंधक और बैंक के अधिकारी मालामाल हो गए हैं

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