शिक्षकों के लिए जरूरी खबर…सरकार ने जारी किया नया फरमान …

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प्रदीप चौकीकर

भोपाल – प्रदेश के अध्यापक संवर्ग के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के संविलियन की मांग पूरी करते ही राज्य सरकार ने उनके लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है। जिसके तहत अब शिक्षकों को नेवी ब्लू रंग और शिक्षिकाओं को मेहरून रंग की जैकेट अनिवार्य रूप से पहनकर स्कूल आना होगा। साथ ही राष्ट्र निर्माता की पट्टिका भी लगानी होगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने मप्र पंचायत अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्ते) नियम, 2008 के नियम 8 (छ) में संशोधन किया है। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संस्था एवं संचालक राज्य शिक्षा केंद्र को आदेश जारी कर दिया है।

जारी आदेश में कहा है कि सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों से एकरूपता लाने के लिए यह अपेक्षा की जाती है कि शिक्षक मेहरून एवं शिक्षिकाएं नेवी ब्लू रंग की जैकिट अनिवार्य रूप से पहनें।

आदेश में उल्लेख है कि नई पीढ़ी में ज्ञान, संचेलना, मूल्य चेतना, नैतिक संस्कार बोध तथा आदर्श बोध जागृत करना शिक्षकों का दायित्व है। शिक्षक बच्चों का भविष्य संभारने एवं भावी पीढ़ी को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए समाज के लिए पथ प्रदर्शक और भविष्य निर्माता की भूमिका का निर्वाहन करते हैं। राष्ट्र निर्माता की उपाधि से अलंकृत शिक्षक देश के नव निर्माण में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में ड्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिधान की एकरूपता से न सिर्फ उन सेवाओं से जुड़ाव होता है, बल्कि वैयक्तिक अंतर भी समाप्त होता है।

-संचालक राज्य शिक्षा केंद्र को पत्र जारी किया है। जिसके तहत शिक्षकों को नेवी ब्लू एवं शिक्षिकाआें को महरून रंग की जैकिट अनिवार्य रूप से पहननी होगी। जिससे शिक्षकों में एकरूपता आएगी।

-दीप्ती गौड़ मुखर्जी,

प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

।। ई-अटेंडेस भी लगेगी ।।

प्रदेश में संविदा शिक्षकों की नई भर्ती करने से पहले सरकार 14 दिसंबर को अधिसूचना जारी कर चुकी है, जिसके तहत स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, शिक्षकों की उपस्थिति के अलावा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) से संबंधित ऐसी कई नियम-शर्तें जोड़ी गई हैं, जिसका विरोध संविदा शिक्षक कर्मी और अध्यापक नहीं कर सकेंगे। इसी के तहत शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचाने ई-अटेंडेंस व्यवस्था में और ज्यादा सख्ती भी बरती जाएगी।

अधिसूचना में कहा गया है कि संविदा शिक्षक के पद पर नियुक्ति के 3 साल पूरे होने के बाद संविदा शिक्षक वर्ग 1, 2, 3 अध्यापक बन सकेंगे। अध्यापक बनने के एक साल बाद ही वेतनवृद्धि का लाभ मिलने लगेगा। करीब 7 साल बाद पदोन्नति का लाभ भी दिया जा सकेगा। स्कूलों में ड्रेस कोड, समय पर उपस्थिति के लिए समय-समय पर जारी आदेश का पालन करना ही होगा। ये आदेश बाध्यकारी होंगे।

खास बात यह है कि अधिसूचना में पंचायत अध्यापक संवर्ग के संबंध में 2008 में जारी नियमों में संशोधन किया गया है। इसमें संविदा शिक्षक, अध्यापक संवर्ग के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। आरटीई के तहत जरूरी योग्यता, छात्र संख्या के हिसाब से नियुक्ति संबंधी नियम भी मानने होंगे। बता दें कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की 36 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। जिन पर भर्ती होना है

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