मुर्गीपालन से संतोषी की 11 हजार रूपए प्रतिमाह तक हो रही है आय

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हर्षिता वंत्रप

महिलाओं के संवहनीय आजीविका की ओर बढ़ते कदम
बैतूल,

– जिले की

महिलाएं दीनदयाल ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडक़र अपनी आजीविका के सशक्त साधन तैयार कर रही हैं। ग्राम तिरमहूं में मिशन के तहत गठित जय मां दुर्गा आजीविका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी पाटने मुर्गी व्यवसाय से प्रतिमाह 8 हजार से 11 हजार रूपए तक कमाई कर रही हैं।

आमला विकासखण्ड में मिशन के तहत मां दुर्गा आजीविका स्वसहायता समूह का गठन किया गया, जिसमें 13 सदस्य हैं। समूह की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी पाटने ने पूरी निष्ठा से समूह को संचालित करते हुए संवहनीय आजीविका की ओर अपने कदम बढ़ाए। उनके द्वारा रिवाल्विंग फंड की राशि से 13 हजार तथा समूह बचत से दो हजार कुल 15 हजार की राशि एकत्र कर 1500 चूजे खरीदे गए एवं मुर्गीपालन हेतु कच्चे शेड का निर्माण किया गया। उक्त महिला को प्रारंभिक तौर पर 40 हजार रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

संतोषी की लगन को देखते हुए मिशन द्वारा वर्ष 2017 में इनके पति श्री नीरज पाटने को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से एक लाख रूपए की राशि पक्के मुर्गी शेड निर्माण हेतु स्वीकृत की गई। पक्का मुर्गी शेड निर्माण होने के बाद अब इनके द्वारा 2300 मुर्गी चूजे पालन किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिमाह लगभग 8 हजार से 11 हजार रूपए की आमदनी हो रही है।

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