मरना मंजूर पर संविदा नौकरी करना नही: संविदा कर्मी

दुर्गाप्रसाद जौंजारे
बैतूल । स्वास्थ्य विभाग के सेवा समाप्ति के अल्टीमेटम के बाद संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार अपने धरना आंदोलन को और उग्र करते हुए धरना स्थल पर प्रतिकात्मक फांसी लगाकर अपने आप को शव देते हुए प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी विगत 22 दिन से हड़ताल पर बैठे है।

संविदा कर्मी पंकज डोंगरे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार एक पत्र जारी कर यह उल्लेख किया कि 12 मार्च को जो भी कर्मचारी कार्य पर उपस्थित नहीं होगा उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद आक्रोशित संविदा कर्मियों द्वारा अपने आंदोलन को और उग्र कर कहा कि अब संविदा को विदा करने के बाद ही हम कार्य स्थल पर लौटेंगे। इसके बाद कर्मचारियों ने फांसी के प्रतीकात्मक फंदे पर झूलकर विभाग एवं शासन को यह मैसेज दिया कि हमें मरना मंजूरी पर संविदा नौकरी करना मंजूर नही है ।

अब हमने ठान लिया है कि सेवा समाप्त हो या शासन कोई भी क्रुरतम तरीका अपनाए मांग पूर्ति तक हम न हटेंगे न रूकेंगे न झुकेंगे, नियमितिकरण लेकर ही विभाग में वापसी करंेगे। पंकज डोंगरे ने बताया कि सोमवार धरना स्थल पर मजबूती एवं शासन को जवाब देने के लिए डॉ.आनंद गुप्ता, डॉ. सुशील सोनी, पवन झोड़, राजकुमार साहू, सरिता वानखेड़े, डॉ. शरद जितपुरे, अर्चना ठाकुर ने प्रतिकात्मक फांसी लगाकर अपने मंसूबों की जानकारी शासन प्रशासन तक पहुंचाई। वहीं अंतिम कुशवाह ने प्रतिकात्मक शव का रूप लेकर ये प्रदर्शित किया कि संविदा घोषित कर विभाग ने हमें जीते जी ही मार दिया। अब हम नियमित के साथ ही पुर्नजीवित होंगे।

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