संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से ग्रामीण और शहर के चिकित्सालय बंद

बैतूल/सारणी। कैलाश पाटिल – संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर विगत बीस दिनों से लगभग हड़ताल पर है। जिसका असर ग्रामीण और शहरों के चिकित्सालयों में देखने को मिल रहा है। जहां मरीज चिकित्सालय के खुलने के इंतजार में परेशान हो रहे हैं और जिससे मजबूरन उन्हें झोलाछाप डॉक्टर की दुकानों की ओर रुख करना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा पाथाखेड़ा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को आया जहां स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल में रहने पर मरीज परेशान दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए इस परेशानी के दौर में नजदीकी चिकित्सालय में डॉक्टर, नर्स और औषधि वितरक के नहीं होने पर उन्हें अपने क्षेत्र से 10 से 15 किलोमीटर दूर विकासखंड के चिकित्सालय में जाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में अपने नजदीकी चिकित्सालय से दूर जाने पर गर्भवती महिला और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है । जिस का जिम्मेदार कौन होगा? इतना ही नहीं अब गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम बदलने के साथ मौसमी बिमारियों ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की हड़ताल के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के चिकित्सालय पूरी तरह बंद हो गए हैं और मरीज चिकित्सालय मैं जाकर निराश खाली हाथ लौट रहे हैं।

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