31 मार्च को रिटायर हुए सरकारी कर्मचारी/अधिकारियों की सेवानिवृत्ति रद्द

Scn news india share

भोपाल – शिवराज सिंह के द्वारा सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाये जाने के आदेश के बाद प्रदेश के 24 से 25 लाख बेरोजगार युवा नाराज है वहीँ

31 मार्च 2018 को रिटायर हुए सरकारी कर्मचारी/अधिकारियों की सेवानिवृत्ति रद्द कर दी गई है। आदेश जारी हो चुके हैं। मप्र में शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में 2 साल की वृद्धि किए जाने के आदेश 31 मार्च 2018 को जारी कर दिए गए हैं अत: इस तारीख के बाद सभी कर्मचारियों की सेवा अवधि 2 साल बढ़ गई है। बता दें कि मप्र में 31 मार्च को एक साथ करीब 1500 कर्मचारी रिटायर होने वाले थे।
शुक्रवार 30 मार्च को सीएम शिवराज सिंह ने अचानक इसका ऐलान किया था। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में यह घोषणा की थी। चौहान ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति में आरक्षण का मामला विचाराधीन होने के कारण प्रदेश सरकार के कर्मचारी और अधिकारी पदोन्नत नहीं हो पा रहे हैं। हम नहीं चाहते हैं कि कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हों, इसलिये कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया है।
राजनीति के समीक्षक व् जानकारों की माने तो इन दिनों मप्र सरकार का खजाना खाली है। इतने सारे कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण निपटाना संभव नहीं था। एक कर्मचारी के रिटायर होने पर सरकारी खजाने से औसत 20 लाख रुपए कम हो जाते हैं। इस बात पर लंबे समय से विचार चल रहा था। सीएम शिवराज सिंह सेवा अवधि बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे इसलिए लास्ट मिनट तक उन्होंने इसे रोककर रखा परंतु जब वित्तीयवर्ष समाप्ति पर आया और तो मजबूरन सीएम को यह घोषणा करनी पड़ी और नए वित्तीय वर्ष से पहले ही आदेश जारी कर दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!