शासकीय सेवकों का आंदोलन, प्रदर्शन एवं धरना सभाओं में शामिल होना प्रतिबंधित

Share Scn News India

बैतूल,
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री शशांक मिश्र ने आदेश जारी कर जिले के समस्त शासकीय कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित किए जाने वाले आंदोलन, प्रदर्शन एवं धरना सभाओं में शामिल होना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने कहा है कि शासकीय सेवक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऐसे आंदोलनों अथवा धरना प्रदर्शन का समर्थन करते हैं अथवा कार्यालय से अनुपस्थित होकर या सार्वजनिक अवकाश लेकर ऐसे कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, इस वजह से राज्य की सुरक्षा, संप्रभुता, अखण्डता, लोक प्रशांति व्यवस्था, शिष्टता व नैतिकता प्रभावित होती है, जिसके परिणामस्वरूप हिंसा तथा सार्वजनिक सम्पत्तियों को हानि पहुंचती है।
शासकीय सेवकों का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 6 तथा 7 के प्रावधानों के तहत भी गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। अत: शासकीय सेवकों के इस प्रकार के कृत्य को अनाधिकृत अनुपस्थिति मानकर ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा तथा संबंधित के विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर श्री मिश्र ने संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह इस प्रकार की अनैतिक गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखें तथा उपरोक्तानुसार कदाचरण करने वाले अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!