लाडो अभियान के अंतर्गत बाल विवाह रोकने में सहयोग का अनुरोध

Scn news india share

बैतूल,
महिला सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत संचालित लाडो अभियान के अंतर्गत अक्षय तृतीया और विशेष तिथियों के दौरान बाल विवाह की रोकथाम के लिये जिले के सामूहिक विवाह कराने वाले आयोजकों, सभी धर्मगुरू, समाज के मुखिया, हलवाई, केटरर, बैंडवाला, घोड़ीवाला, ट्रांसपोर्ट, प्रिंटिंग प्रेस के प्रबंधक, ब्यूटी पार्लर, संचालक मंगल भवन और अन्य संबंधितों से अनुरोध किया है कि वे किसी विवाह या समारोह में शामिल होने से पहले यह अवश्य देख लें कि कहीं वो बाल विवाह तो नहीं है। यदि बाल विवाह हो तो इसे रोकने में शासन को सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने सभी विभागों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री राधेश्याम वर्मा ने अपील की है कि बाल विवाह रोकना या इसे हतोत्साहित करना हर समझदार और कानूनप्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है, इसलिये यह अवश्य सोचें कि कहीं आप 18 वर्ष से कम उम्र की लाडली बिटिया का विवाह करके उसकी जिदंगी अनजाने जोखिम में डालने तो नहीं जा रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम में दण्ड प्रावधान के अंतर्गत बालिका की आयु 18 वर्ष और बालक की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होना चाहिये। इस अधिनियम से संबंधित प्रकरण की सुनवाई के लिये जिला न्यायालय सक्षम न्यायालय है तथा बाल विवाह किये जाने पर 2 वर्ष के कारावास, एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।
श्री वर्मा ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका एवं 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह यदि कहीं हो रहा है तो उसकी जानकारी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, परियोजना अधिकारी, खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, पुलिस निरीक्षक की टीम को दें। जिला स्तर पर जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय तथा परियोजना स्तर पर एकीकृत बाल विकास संबंधित परियोजना कार्यालय में भी बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!