मठ,मंदिरों का सरकारी करण और साधु संतो की सुरक्षा को लेकर संतों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

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रिपोर्ट-प्रद्युम्न फौजदार,छतरपुर मध्यप्रदेश में संत समाज,सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में आये दिन खडी़ हो रही समस्याओं और मठ,मंदिरों का सरकारीकरण रोकने के मकसद से अखिल भारतीय संत समाज के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जिले के संतों और पुजारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम बडामलहरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।अखिल भारतीय संत समाज के जिला अध्यक्ष महामण्डलेश्वर रामकिशोरदास महाराज की अगुवाई में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम बडामलहरा एसडीएम राजीव समाधिया को सौंपे गये 8 सूत्रीय ज्ञापन में संत और पुजारियों ने उल्लेख किया है कि मध्यप्रदेश के समस्त मठ,मंदिरों का सरकारीकरण( प्रबंधक कलेक्टर)बंद कर मंदिरों की व्यवस्था साधु,संत,पुजारियों को सौंपी जाये।शासकीय भूमियों पर निर्मित मठ,मंदिरों को चिन्हित कराकर उसकी भूमियों के पट्टे हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में मंदिर एवं पुजारी के नाम संयुक्त रुप से प्रदान किये जायें एवं उनकी सम्पत्तियों का सीमांकन कराया जाये। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मठ मंदिरों में स्थापित मूर्तियों को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षति पहुंचाई जा रही है एवं पुजारियों पर हमले हो रहे है जिसे तत्काल रोका जाये एवं मंदिरों तथा संत समाज की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।शासकीय मठ मंदिरों के पुजारियों द्वारा मंदिर में लगी भूमियों को निजी भूमि बताकर विक्रय कर दिया गया है ऐसे समस्त प्रकरणों की जांच कर भूमि वापिस मंदिरों के नाम दर्ज कराई जाये एवं सम्बंधित पुजारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये जायें। मठ मंदिरों की जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को तत्काल रोका जाये एवं अतिक्रामकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये। प्रदेश में स्थित समस्त मठ मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाये।प्रदेश की समस्त गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये एवं मठ मंदिरों की भूमियों की नीलामी हमेशा के लिये बंद कराई जाये।साधू एवं पुजारियों द्वारा सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि यदि शिवराज सिंह सरकार समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं करती तो जल्द ही सरकार के खिलाफ बडे आंदोलन का रुख अख्तियार किया जायेगा आज एसडीएम को ज्ञापन सौंपने वालों में गढीमलहरा के महंत परमेश्वरदास,संकटमोचन छतरपुर के नागा रामदास, चौपरिया सरकार के महंत रामेश्वरदास,बिहारी जी मंदिर के पुजारी नीलू महाराज, मंशापूरण मंदिर पुजारी ज्ञानी महाराज, टूडेवार हनुमान जी मंदिर के रामदास एवं प्रेमनारायण शास्त्री सहित भारी संख्या में संत एवं पुजारी शामिल रहे।

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