नेशनल लोक अदालत का आयोजन 22 अप्रैल को

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बैतूल,
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालय बैतूल के साथ-साथ व्यवहार न्यायालय मुलताई, आमला एवं भैंसदेही में 22 अप्रैल को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी।
इस लोक अदालत में जिले के समस्त न्यायालयों में तथा अन्य विभागों के आपसी समझौता योग्य प्रकरण जिसमें आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, प्री-लिटिगेशन प्रकरण, निगोशिएबल इंस्टूमेट एक्ट के अंतर्गत चेक बाउन्स प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय, ग्राम न्यायालय में लंबित प्रकरणों के अतिरिक्त नगर पालिका, नगर परिषद्, बैंक के प्रकरण, विद्युत विभाग के प्रकरण तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का अधिक से अधिक संख्याओं में निराकरण किया जाएगा।
इसी प्रकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 22 अप्रैल को होने वाली वार्षिक नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जाएगी-
1. प्री-लिटिगेशन स्तर पर- कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारित आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छ: माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत् प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जाएगी।
2. लिटिगेशन स्तर पर- कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छ:माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत् की छूट की जाएगी।
छूट हेतु नियम एवं शर्तें
आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता का विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। वार्षिक नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। यह छूट मात्र वार्षिक नेशनल लोक अदालत 22 अप्रैल में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जाएगी।

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