नगर में निष्क्रिय है पुलिस प्रशासन

दीपेश दुबे

सारनी। पुलिस की निष्क्रियता की वजह से इन दिनोें नगर में अपराधिक गतिविधियां बढ़ गई है। क्षेत्र में सट्टा, जुआ, शराब, सेंट्रल बैंक के पीछे निजी आवास से अवैध रूप से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में डीजल बेचना सहित अन्य अवैध गतिविधियों की बाढ़ सी आ गई है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण अवैध गतिविधियों में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। जिसके कारण असामाजिक तत्वों के होसले दिनोदिन बढ़ते ही जा रहे है। नगर की हर गली मोहल्ले में अवैध रूप से शराब बिक रही है। स्क्रेप का काम खुलेआम चल रहा है। जुआ और सट्टे के फड़ सारनी , पाथाखेड़ा, बगडोना सहित अन्य स्थानों पर संचालित हो रहे है। जिसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को होने के बाद भी वह इस ओर ध्यान नही दे रही है। पुलिस की निष्क्रियता का इससे बढा उदाहरण और क्या होगा कि आज भी सूचनापटल पर उन अधिकारियों के नाम और नंबर अंकित है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण कई दिन पूर्व अन्य स्थान पर हो चुका है और कुछ तो सेवानिवृत्त भी हो चुके है।

लेकिन सूचना पटल पर आज भी उनका ही नाम और नंबर दर्शाया जा रहा है। एसडीओपी कार्यालय और थाने में नए अधिकारियों की नियुक्ति हुए काफी लंबा समय बीत चुका है। लेकिन सूचना पटल में बदलाव नही किया गया है। जिसके कारण नगरवासियों को पुलिस से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसडीओपी कार्यालय और थाने से केवल सौ मीटर की दूरी पर एक बोर्ड पर आज भी पूर्व एसडीओपी शशि प्रसाद दुबे का नाम व नंबर अंकित है। जो लगभग आठ माह पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके है। इसी तरह अन्य अधिकारियों के नाम और नंबर सूचना पटल पर अंकित है। जबकि उस स्थान पर प्रतिदिन सभी पुलिस के अधिकारी और सिपाही आवागमन करते है। लेकिन इस ओर उन्होंने कोई ध्यान नही दिया। नगरवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सूचनापटल पर वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों के नाम और नंबर अंकित किए जाए। जिससे पुलिस और नगरवासियों का संपर्क बढ़ सके।

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