जान जोखिम में डाल, बेधड़क पुलिस के नाक के नीचे से हो रही ट्रैक्टर ट्राली की सवारी,

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राजेन्द्र तिवारी रिपोर्ट

◆जान जोखिम में डाल ट्रैक्टर ट्राली की सवारी..

◆सड़क पर 100 डायल के पीछे ट्रैक्टर ट्राली में चढ़ती उतरती रही महिलाएं..

◆जान जोखिम में डाल ट्रैक्टर ट्राली की सवारी जारी-

दमोह। ट्रैक्टर ट्राली की सवारी जान जोखिम मैं डालने वाली यात्रा से कम नहीं होती। यदि सफर 30-40 किमी का हो तो दुर्घटना की संभावना ज्यादा होती है। इसके बाद भी ग्रामीण जन खासकर महिलाएं और बच्चे ट्रैक्टर-ट्राली की सवारी करने ने अपनी शान समझती हैं और इनको रोकने का जोखिम यातायात परिवहन और पुलिस विभाग भी नहीं लेता।

दमोह जिला अस्पताल गेट की यह तस्वीर रविवार शाम की है। ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर आई यह महिलाएं घाट पिपरिया गांव से आई है। दरअसल इस गांव की रजक परिवार की एक महिला पिछले दिनों आग से जल गई थी। जिसकी आज मृत्यु हो गई थी। उसे देखने के लिए करीब 30 किमी का सफर तय करके यह महिलाएं व ब

च्चे ट्रैक्टर ट्राली से दमोह पहुंच गए थे।
जिला अस्पताल मार्ग पर सड़क किनारे हंड्रेड डायल के ठीक पीछे खड़ी इस ट्रैक्टर ट्राली में करीब आधे घंटे बाद यह महिलाएं और बच्चे कुछ इस तरह से सवार हुए जैसे कि यह सवारी वाहन हो। इस दौरान बांदकपुर चौकी एवं अस्पताल चौकी पुलिस की नजरें भी इन महिलाओं पर पड़ती रही। परंतु किसी ने भी इन्हें रोकने टोकने व चालक को समझाइश देने की जरूरत नहीं समझी।
ट्रैक्टर ट्राली आंबेडकर चौक मानस भवन से कीर्ति स्तंभ कोतवाली के सामने से निकल कर बांदकपुर मार्ग पर वापस रवाना हो गई। घाट पिपरिया तक के 30 किमी मार्ग में यदि इनके साथ कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन होगा ? ट्रैक्टर ट्राली तथा माल वाहक में महिलाओं बच्चों को भरकर लाने ले जाने की यह नजारे रोज ही सामने आते रहते हैं।
मानस भवन परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में कल भी मालवाहक पिकअप में भरकर महिलाओं तथा बच्चों को लाया ले जाया गया था। तब भी किसी ने इस ओर ना ध्यान दिया था ना रोका टोका था। इस कार्यक्रम के बाद में ऑटो रिक्शा में भी ओवरलोड करके दूरदराज के गांव तक महिलाओं को भर कर लेे जानेे के नजारेे सामनेेे आए थे।
इस तरह के हालात में हादसों को रोकने के लिए इन वाहनों के चालकों के साथ साथ इनमें सवार होने वाली महिलाओं को भी समझाइश देना आवश्यक है। SP श्री विवेक अग्रवाल से निवेदन है कि मालवाहक और ट्रैक्टर ट्रालियों मैं सवारिया पाए जाने पर मौके पर जो भी पुलिसकर्मी रहे उनको वाहन चालकों के साथ कार्रवाई की चेतावनी के निर्देश दिए जाएं। जिससे इन लोगों को भी यह एहसास हो सके कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है

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