स्वसहायता समूह करेंगे स्कूल यूनिफार्म सिलाई का कार्य

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साढ़े चार सौ समूहों से जुड़ी पांच हजार महिलाओं की बढ़ेगी आय
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित
बैतूल,
जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित लगभग 450 समूहों से जुड़ी पांच हजार महिलाओं को स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित होने वाली यूनिफार्म सिलाई का कार्य दिया जाएगा। इससे इन महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। जहां आवश्यक होगा, वहां इन समूहों को सिलाई मशीन, रिवॉल्विंग फंड, स्वयं की राशि एवं जनप्रतिनिधियों की स्वेच्छानुदान राशि से उपलब्ध कराई जाएगी। सिलाई हेतु महिलाओं को उचित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उक्त बात शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में कही गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे ने की। बैठक में विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री मंगलसिंह धुर्वे, विधायक आमला श्री चैतराम मानेकर, विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख सहित कलेक्टर श्री शशांक मिश्र एवं सीईओ जिला पंचायत श्री क्षितिज सिंहल सहित समिति सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2017-18 में 106 करोड़ 47 लाख रूपए व्यय कर एक लाख 35 हजार 20 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। जिसके तहत 23523 स्वीकृत कार्यों में से 10433 कार्य पूर्ण हुए, शेष कार्य प्रगति पर है। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 24 करोड़ 79 लाख रूपए व्यय किए जाकर 60566 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 2922 कार्य स्वीकृत किए गए तथा पिछले कार्यों सहित 4070 कार्य पूर्ण किए गए।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि एनआरएलएम की दीनदयाल योजनांतर्गत जिले की कुल ग्राम पंचायत 379 के कुल 661 में स्व सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिसमें कुल 3804 स्व सहायता समूहों का गठन कर 46753 परिवारों को जोड़ा गया है। जिले में 210 ग्राम संगठनों का गठन कर 1416 स्व सहायता समूहों को जोड़ा गया है। जिले में कुल 1083 स्व सहायता समूहों को 151.62 लाख रूपए चक्रीय राशि के रूप में दिए गए है। कुल 394 स्व सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 433.40 लाख रूपए दिए गए है, वहीं 81 ग्राम संगठनों को स्थापना राशि के रूप में 52.56 लाख रूपए दिए गए है।
जिले में बैंक के माध्यम से 493 स्व सहायता समूहों को नगद साख सीमा से 480.00 लाख रूपए का ऋण वितरित किया गया है। जिले के 763 इच्छुक युवक-युवतियों को आरसेटी के माध्यम से सिलाई मशीन, अगरबत्ती निर्माण, साबुन निर्माण, ब्यूटी पार्लर, मेकरम एवं जूट से निर्मित उत्पाद का प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से 274 हितग्राहियों को एवं मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कल्याण योजना के माध्यम से 198 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। दो विकासखण्डों में 37 स्व सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा सेनेटरी नैपकिन का कार्य किया जा रहा है। स्व सहायता समूहों की 24 सदस्यों द्वारा गुड़ चिक्की इकाई, 87 सदस्यों द्वारा साबुन निर्माण, 25 सदस्यों द्वारा मेकरम सामग्री का निर्माण एवं 20 सदस्यों द्वारा टॉयलेट क्लीनर एवं हैण्डवॉश का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिले के 78 ग्राम संगठनों को सहकारिता विभाग में पंजीकृत किया गया है एवं 33 ग्राम संगठन पंजीकरण हेतु प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजनांतर्गत प्रशिक्षण हेतु 124 प्रशिक्षणार्थियों का चिन्हांकन कर प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल भेजा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में 12411 आवासों का कार्य पूर्ण कराया गया। वहीं वर्ष 2018-19 में 5377 आवासों का कार्य प्रारंभ कराया गया है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय अंतर्गत वर्ष 2814 हितग्राहियों का आवास हेतु चयन किया गया। जिनमें से 1230 आवासों का कार्य पूर्ण करा लिया गया है।
बैठक में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 98716 परिवारों को इस योजना के तहत गैस कनेक्शन प्रदाय किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत युवाओं को स्किल ट्रेनिंग अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी बैठक में समीक्षा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रगति से भी अवगत कराया गया।

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