बहु उपयोगी विदारीकंद

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कुम्हारी!
विदारीकन्द को पाताल कुम्हड़ा,खाकर बेल,दरी गुम्मडी, बिलाई कंद, पाताल कोहड़ा या सुराल आदि नामों से जाना जाता है!यह एक लता है जिसका कन्द बाजीकारक औषधी के रूप में प्रयोग में लाया जाता है!इसका कंद जिमीकंद की तरह गोल होता है और हल्का मीठा होता है इस पर प्रायः नवम्बर में पुष्प खिलते हैं !पहले जंगलों में यह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध था किंतु बड़े पैमाने पर इसकीं खुदाई और उपयोग से अब यह दुर्लभ सा हो गया क्योंकि इससे कई औषधियाँ बनाई जाती हैं।इसका कन्द महिलाओं में दूध की मात्रा बढ़ानेवाला और पुरुषों के लिए वीर्यवर्धक माना जाता है!दुर्लभ होने से इसकीं कीमतें भी आसमान छूने लगी है और इसकीं लाल प्रजाति के कन्द तो बहुत ही महंगे बिकते हैं!
यह शरीर को मजबूत बनाता है तथा बुढ़ापे के लक्षणों को रोकता है संस्कृत में भूमिकुष्मांड और स्वादुकन्द कहा जानेवाला यह कन्द प्राचीन काल से फर्टिलिटी को बढ़ानेवाला माना जाता है !दुबले लोगों में यह वजन को बढ़ाता है,, यह शरीर को मजबुत बनाता है तथा बुढ़ापे के लक्षणों को रोकता है!इसका सेवन रोग प्रतिरोधकता को बढ़ाता है !यह हृदय की पेशियों को मजबुत बनाता है । विदारीकन्द Vimfix tablet,Herboy Capsule,अतिरसादी चूर्ण जैसी कई आयुर्वेदिक औषधियों का मुख्य घटक है!

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