सीहोर की मेघा परमार नहीं कर पाई एवरेस्ट फतह, पर्वतारोही भावना ने उठाये सवाल

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नितिन दत्ता तामिया

●एफबी मे मेघा ने लिखा कैम्प 4 के बाद तबियत बिगडी थी*
नितिन दत्ता तामिया (छिंदवाडा) – विश्व की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट 29028 फीट पर 25 मई को मेघा परमार के फतह की खबरो को हिमालय की डीकेडी फतह करने वाली मध्यप्रदेश की एकमात्र महिला पर्वतारोही भावना डेहरिया ने गलत बताया है | 21 जून को सीहोर की मेघा परमार ने मिशन एवरेस्ट मिशन के कैम्प 4 तक 26575 फीट की उंचाई का उल्लेख किया है ऐसे मे गलत प्रचार के बीच विक्रम अवार्ड मे भी पेंच फंस सकता है | भावना ने मेघा परमार के एवरेस्ट फतह करने पर सवाल उठाया है वही एवरेस्ट मिशन के निर्धारित ट्रैक है सिर्फ चौंथे ट्रेक से मेघा परमार अस्वस्थ होने के कारण मेघा परमार वापस लौट गई थी |

भावना डेहरिया ने बताया कि सीहोर जिले की मेघा परमार एवरेस्ट मिशन के कैम्प 4 मे ही गई थी यह बात खुद अपनी फेसबुक पोस्ट मे लिखी है कि उसने 26575 तक चढाई कि माउंट एवरेस्ट की उंचाई 29028 फीट मे है | जो एवरेस्ट की उचाई मे पहुंचता है उसे ही नेपाल सरकार प्रमाण एवरेस्ट मिशन फतेह का प्रमाण पत्र देती है| सूचना माध्यमो मे 25 मई को नेहा परमार के एवरेस्ट मिशन की गलत खबरो से नाराज भावना डेहरिया ने जब मिशन पूरा नही हुआ तो विक्रम एवार्ड कैसे मिल सकता है | समाचार माध्यमो में सीहोर के छोटे से गांव भोजनगर की 24 वर्षीय मेघा परमार के विश्व की सबसे ऊंची (29029 फीट) चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर लेने की खबर आई उसके बाद भावना डेहरिया ने इस मिशन पर सवाल उठाते हुये कहा कि जब मिशन पूरा नही हुआ तो विक्रम अवार्ड कैसे दिया जा सकता है |
*इनका कहना है*
विश्व की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट की उंचाई 29028 फीट है मेघा ने 21 जून को एफबी में लिखा कि वह कैम्प 4 जिसकी उंचाई 26575 फीट तक ही कर पाई उसके बाद बीमार हो गई यह भी मेंघा की उपलब्द्धि है लेकिन अब एवरेस्ट मिशन फतेह के साथ विक्रम एवार्ड देने की बात अजीब है इतना बडा झूठ कैसे फैलाया जा सकता है|
*भावना डेहरिया पर्वतारोही तथा छात्रसंघ अध्यक्ष वीएनएस कालेज भोपाल*

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