
ब्यूरो रिपोर्ट
बालाघाट जिले के कटंगी के रहने वाले शिवभक्त युवा आकाश कुमरे और उनके साथी राज कोचरी महाकालेश्वर उज्जैन के लिए बेहद कठिन दंडवत पदयात्रा पर निकले हैं। जो एक कठिन संकल्प है। इस आध्यात्मिक और कठिन श्रद्धा यात्रा की चहुओर लोग प्रशंसा कर रहे है। तो वही इतनी भीषण आग उगलती गर्मी में दंडवत यात्रा देख लोग हैरत में है। जगह जगह इनके हौसले के सामने नतमस्तक श्रद्धालु इनका हृदय से स्वागत कर रहे है।

ये श्रद्धालु कटंगी (बालाघाट) से प्रस्थान कर आष्टा काली मंदिर, ओमकारेश्वर होते हुए बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन तक की दूरी दंडवत करते हुए (जमीन पर लेटकर प्रणाम करते हुए) तय कर रहे हैं। जो बालाघाट से छिंदवाड़ा परासिया दमुआ सारणी पाथाखेड़ा होते हुए आज ग्राम रानीपुर पंहुचे। जहाँ बस स्टेण्ड पर राजा रानी होटल के संचालक हितेश वंत्रप और रितेश वंत्रप ने जल पान एवं भोजन कराया। साथ ही रानीपुर ग्राम पंचायत के सरपंच पूरन धुर्वे, उपसरपंच धीरेंद्र ठाकुर, सचिव उइके जी, किसान जावलकर, मोहन सरनेकर, अनिता धुर्वे, सविता साहू, गोमती राठौड़, हितेश वंत्रप और रितेश वंत्रप ने आकाश कुमरे और उनके साथी राज कोचरी कापुष्प गुच्छ एवं उपहार भेंट कर स्वागत किया।
बता दे की यात्रा जहाँ जहाँ से गुजर रही है श्रद्धालु ग्रामीणो द्वारा इन युवाओं का फूल-मालाओं और आरती के साथ भव्य स्वागत व हौसला अफजाई की जा रही है।

बालाघाट से उज्जैन की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 600 किलोमीटर से अधिक है। इतनी लंबी दूरी को लेट-लेटकर (दंडवत) पार करना शारीरिक रूप से बेहद कठिन और युवाओं की अटूट धार्मिक आस्था का प्रतीक है।





