
रामलीला के नौवें दिन बाली वध, लंका दहन, रामेश्वर स्थापना और अंगद-रावण संवाद का हुआ सजीव मंचन, कार्यकर्ताओं ने स्टेडियम में रावण कुंभकरण के पुतले खड़े कर अन्य तैयारियां पूर्ण की
बैतूल। बैतूल गंज स्थित रामलीला मैदान में श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित 69वें रामलीला व दशहरा उत्सव 2026 की नौवीं शाम भक्ति, शौर्य और रोमांच से भरपूर रही। रविवार, 18 अक्टूबर को रीवा के प्रसिद्ध श्री गणेश रामलीला मंडल, मऊगंज के कलाकारों ने बाली वध, लंका दहन, रामेश्वर स्थापना और अंगद-रावण संवाद का सजीव मंचन कर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
रविवार रात 9 बजे शुरू हुए मंचन में सबसे पहले प्रभु श्रीराम द्वारा बाली वध और सुग्रीव के राज्याभिषेक का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद माता सीता की खोज में लंका पहुंचे पवनपुत्र हनुमान द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने, अक्षय कुमार का वध करने और मेघनाद द्वारा उन्हें ब्रह्मपाश में बांधकर रावण के दरबार में लाने के दृश्य मंचित किए गए। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाए जाने के बाद बजरंगबली ने सोने की लंका में आग लगा दी। लंका दहन के सजीव मंचन पर दर्शकों ने जयकारे लगाकर उत्साह व्यक्त किया।
लंका दहन के बाद समुद्र तट पर प्रभु श्रीराम द्वारा रामेश्वरम शिवलिंग की स्थापना और पूजा-अर्चना का प्रसंग मंचित किया गया। इसके बाद युद्ध से पहले रावण को शांति का अंतिम अवसर देने के लिए युवराज अंगद को दूत बनाकर लंका भेजने का दृश्य प्रस्तुत हुआ। रावण के दरबार में अंगद और रावण के बीच हुए ओजस्वी संवाद ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। अंगद द्वारा दरबार में अपना पैर जमा देने और रावण के योद्धाओं के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे नहीं हिला पाने के प्रसंग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
श्री कृष्ण पंजाब युवा सेवा समिति बैतूल के मीडिया प्रभारी राजेश मदान ने बताया कि रविवार रात्रि में समिति के सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं द्वारा अध्यक्ष दीपक खुराना एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में अन्य तैयारियों के साथ स्टेडियम ग्राउंड में रावण के 55 फीट और कुंभकरण 50 फीट ऊँचे आकर्षक पुतले खड़े किये गए।

– आज लक्ष्मण मूर्च्छा और राम-रावण युद्ध का मंचन
उत्सव के दसवें दिन सोमवार, 19 अक्टूबर को रात 9 बजे से लक्ष्मण मूर्च्छा, मेघनाद वध, कुंभकरण वध तथा राम-रावण युद्ध के प्रसंगों का सजीव मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों को देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। समिति ने जिले की समस्त धर्म प्रेमी जनता से रामलीला एवं दशहरा महोत्सव में सहपरिवार शामिल होने का आग्रह किया है।




