
दीपावली पर्व 2026 के दौरान आतिशबाजी के सुरक्षित विक्रय, भंडारण एवं उपयोग को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार अस्थायी पटाखा अनुज्ञप्ति के लिए इच्छुक आवेदक 4 नवंबर 2026 तक एमपीई सर्विस पोर्टल के माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अस्थायी पटाखा विक्रय अनुज्ञप्ति जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि के लिए वैध होगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों के लिए स्थान का चयन संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाए। चयनित स्थान आबादी क्षेत्र से दूर, शहर अथवा नगर से बाहर और पूर्णतः सुरक्षित होना चाहिए। धार्मिक स्थल, अस्पताल, स्कूल तथा प्रतिबंधित स्थलों के आसपास पटाखा दुकानें नहीं लगाई जाएंगी। चयनित स्थल का ले-आउट भी नियमानुसार स्वीकृत कराया जाएगा।
दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर दूरी
निर्देशों के अनुसार आतिशबाजी के अस्थायी भंडारण एवं विक्रय के लिए निर्मित दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानें अग्निरोधी सामग्री अथवा लोहे की चादरों से निर्मित की जाएंगी। दुकानों को एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं बनाया जाएगा। लकड़ी की रैक एवं कपड़े के शामियाने का उपयोग नहीं किया जाएगा। दुकानों के बीच निर्धारित सुरक्षा दूरी में आतिशबाजी का भंडारण भी नहीं किया जा सकेगा।
एक समूह में अधिकतम 50 दुकानें ही स्थापित की जा सकेंगी। नाबालिग बच्चों को आतिशबाजी का विक्रय नहीं किया जाएगा। बिना वैध अनुज्ञप्ति के आतिशबाजी का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। विक्रय स्थल पर आतिशबाजी का प्रदर्शन भी अनुज्ञात नहीं होगा।
अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य
प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी को दुकान के सामने अग्नि सुरक्षा के लिए रेत एवं पानी से भरी बाल्टियां तथा अन्य अग्निशमन उपकरण रखना अनिवार्य होगा। आतिशबाजी विक्रय परिसर में 24 घंटे अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निर्धारित अवधि में फायर फाइटर एवं पानी के टैंकर उपलब्ध रहेंगे, ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपयोग किया जा सके।
आतिशबाजी केवल अग्निरोधी सामग्री से निर्मित शेड में ही रखी जाएगी तथा इस प्रकार सुरक्षित रखी जाएगी कि कोई अनधिकृत व्यक्ति उस तक नहीं पहुंच सके। दुकानों में प्रकाश व्यवस्था भी सुरक्षित तकनीकी मानकों के अनुरूप की जाएगी।
आबादी क्षेत्र में आतिशबाजी का भंडारण एवं विक्रय प्रतिबंधित
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शहरी एवं आबादी क्षेत्र में आतिशबाजी का भंडारण एवं विक्रय नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में थोक विक्रेता दुकान होने की स्थिति में केवल नमूना रखकर ऑर्डर प्राप्त कर सकेंगे। आतिशबाजी की डिलीवरी एवं विक्रय निर्धारित सुरक्षित गोदाम से ही किया जाएगा।
थोक विक्रेता फुटकर विक्रेता को उसकी वैध अनुज्ञप्ति देखकर ही निर्धारित मात्रा में आतिशबाजी विक्रय करेंगे। ठेलागाड़ी, चलित रूप से अथवा हाट-बाजारों में दुकान लगाकर आतिशबाजी का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।
चाइनीज एवं प्रतिबंधित पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
निर्देशों में चाइनीज एवं प्रतिबंधित पटाखों तथा पटाखा सामग्री के उपयोग, प्रयोग, क्रय एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पटाखा व्यवसायियों एवं अनुज्ञप्तिधारकों को अनुज्ञप्ति में दी गई शर्तों, विस्फोटक अधिनियम एवं नियमों तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
24 घंटे मेडिकल एवं आपातकालीन व्यवस्थाएं
दीपावली पर्व की अवधि में पटाखा विक्रय केंद्रों एवं प्रमुख स्थानों पर आवश्यकतानुसार मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला अस्पताल में भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। विद्युत विभाग को आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण एवं स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही संवेदनशीलता एवं सजगता बनाए रखने के लिए संबंधित स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तहसील कार्यालयों एवं नगरीय निकायों में 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे तथा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दौरान विद्युत विभाग द्वारा भी किसी प्रकार की विपरित एवं आपतकालीन स्थिति से निपटने हेतु पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, स्टॉफ आदि की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जावे ।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आतिशबाजी के अस्थायी विक्रेताओं की बैठक आयोजित कर उन्हें नियमों एवं सुरक्षा निर्देशों की जानकारी देने तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि विस्फोटक अधिनियम, विस्फोटक नियम एवं समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए।




