रामलीला में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, राम-रावण महासंग्राम ने बांधा समां
बैतूल में आज मनेगी विजयादशमी, स्टेडियम ग्राउंड पर होगा रावण-कुंभकरण के पुतलों का दहन
बैतूल। शक्ति बाण से लक्ष्मण जी के मूर्च्छित होने पर प्रभु श्रीराम का व्याकुल विलाप, संजीवनी बूटी लेकर पहुंचे पवनपुत्र हनुमान और रणभूमि में कुंभकरण व मेघनाद के वध के रोमांचक दृश्यों ने बैतूल की रामलीला को भक्ति, करुणा और वीरता के रंगों से सराबोर कर दिया। गंज स्थित रामलीला मैदान में सोमवार रात आयोजित 69वें रामलीला व दशहरा उत्सव की दसवीं शाम धर्म और अधर्म के महासंग्राम के नाम रही। रीवा के प्रसिद्ध श्री गणेश रामलीला मंडल, मऊगंज के कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित रामलीला का मंचन सोमवार 19 अक्टूबर को रात्रि 9 बजे शुरू हुआ। इसमें सबसे पहले मेघनाद द्वारा शक्ति बाण चलाए जाने से लक्ष्मण जी के मूर्छित होने का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भ्राता लक्ष्मण को अचेत देखकर प्रभु श्रीराम की व्याकुलता और विलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद सुषेण वैद्य की सलाह पर पवनपुत्र हनुमान जी द्रोणाचल पर्वत उठाकर संजीवनी बूटी लाने पहुंचे। संजीवनी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण जी के पुनः चेतना में आते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष से गूंज उठा।
इसके बाद युद्धभूमि में भगवान श्रीराम द्वारा कुंभकरण और लक्ष्मण जी द्वारा मेघनाद के वध का ओजस्वी मंचन किया गया। लंका के दो महाबली योद्धाओं के धराशायी होने के साथ ही कथा ने निर्णायक युद्ध की ओर कदम बढ़ाया। कलाकारों ने युद्ध के प्रसंगों को प्रभावशाली संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
– धर्म और अधर्म के महासंग्राम में आमने-सामने आए राम और रावण
कुंभकरण और मेघनाद के वध के बाद मंच पर लंकापति रावण और प्रभु श्रीराम के बीच भीषण युद्ध का दृश्य जीवंत हो उठा। ढाल-तलवारों की खड़खड़ाहट, धनुष-बाण की टंकार और कलाकारों के ओजस्वी संवादों ने युद्धभूमि का रोमांचकारी वातावरण निर्मित कर दिया। धर्म और अधर्म के बीच निर्णायक संघर्ष के इन दृश्यों ने दर्शकों को रामायण की गौरवशाली कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
– 69 वर्षों से कायम है रामलीला की गौरवशाली परंपरा
बैतूल के गंज क्षेत्र में आयोजित यह 12 दिवसीय रामलीला व दशहरा उत्सव अपनी 69 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित इस महोत्सव में पंजाब युवा सेवा समिति एवं श्री कृष्ण पंजाबी महिला कीर्तन मंडल, बैतूल का विशेष सहयोग मिल रहा है।
श्री कृष्ण पंजाब युवा सेवा समिति बैतूल के मीडिया प्रभारी राजेश मदान ने बताया कि समिति के सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं द्वारा अध्यक्ष दीपक खुराना एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में स्टेडियम ग्राउंड में रावण और कुंभकरण के 55 और 50 फीट ऊँचे आकर्षक लाईटिंग युक्त विशालकाय पुतले खड़े किये गए और अन्य तैयारियों के साथ आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करवाई गई हैं। महिलाओं के लिए भी बैठने की विशेष रूप से पृथक व्यवस्था की गई है।
– आज विजयादशमी पर निकलेगा जुलूस, रावण-कुंभकरण के पुतलों का होगा दहन
रामलीला महोत्सव के ग्यारहवें दिन मंगलवार 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर सायं 5 बजे से विजयादशमी जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद स्टेडियम ग्राउंड, बैतूल में रावण और कुंभकरण के विशालकाय पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजन के दौरान रंगीन आतिशबाजी का भव्य प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। विजयादशमी के इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। समिति द्वारा जिले की समस्त धर्मप्रेमी जनता से दशहरा महोत्सव में अधिक संख्या में सहपरिवार शामिल होने का विनम्र आग्रह किया है।