बच्चों को गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से किया दस्तयाब
पुलिस मुख्यालय द्वारा माह अप्रैल में नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु जारी विशेष निर्देशों के पालन में जिला बैतूल पुलिस द्वारा “मुस्कान अभियान” के अंतर्गत प्रभावी एवं समन्वित कार्यवाही की गई।
उक्त अभियान के दौरान बैतूल पुलिस ने सराहनीय सफलता अर्जित करते हुए 34 गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलवाया। जिले में दर्ज कुल 68 प्रकरणों में से इन बच्चों को गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से खोजकर सुरक्षित वापस लाया गया।
इस अभियान में जिले के 18 थानों के थाना प्रभारियों, समस्त अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों द्वारा अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ कार्य किया गया। टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, सतत फील्ड सर्च एवं अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल किया।
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा इस उत्कृष्ट कार्य के लिए समस्त पुलिस टीमों को पुरस्कृत कर उनकी सराहना की गई है। उन्होंने बताया कि शेष प्रकरणों में भी त्वरित कार्यवाही जारी है तथा शीघ्र ही सभी गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक बैतूल की अपील
पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि—
यदि किसी भी बालक/बालिका के गुम होने की जानकारी प्राप्त होती है, तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल 112 पर दें।
बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा उनके आवागमन और गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखें।
किसी संदिग्ध व्यक्ति या परिस्थिति की जानकारी मिलने पर बिना विलंब पुलिस को सूचित करें।
बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने एवं आपात स्थिति में मदद लेने के तरीकों के बारे में जागरूक करें।
“आपकी सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।”