
thana prabhari line attached रीवा जिले की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट दुरुस्त करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गुरकरन सिंह ने तत्काल प्रभाव से सिविल लाइन थाना प्रभारी को पद से हटा दिया है। बता दे की सिविल लाइन थाने की कमान संभाल रहे निरीक्षक (Inspector) विजय सिंह बघेल को पुलिस अधीक्षक ने लाइन अटैच कर तत्काल रवानगी के निर्देश दिए ।
क्या है पूरा मामला
1. कोरेक्स सिरप की जब्ती और गिरफ्तारी
सिविल लाइन पुलिस ने रीवा शहर के साईं मंदिर के पास संचालित ‘संगम आइसक्रीम’ के एक ठेले पर छापेमारी की थी। पुलिस को वहाँ से 12 सीसी नशीली कोरेक्स सिरप बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने पुनीत नामक एक युवक को हिरासत में ले लिया। आरोपी युवक का कहना था कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे फंसाया गया है।
2. भाजपा नेता की थाने में एंट्री और विवाद -thana prabhari line attached
गिरफ्तार युवक के पक्ष में पैरवी करने के लिए भाजपा नेता बंसीलाल साहू अपने समर्थकों और साहू समाज के लोगों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे। वे आरोपी के निर्दोष होने का आवेदन पुलिस को देना चाहते थे, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनका आवेदन लेने से मना कर दिया।
नाराज होकर भाजपा नेता बंसीलाल साहू समर्थकों के साथ थाने के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
3. टीआई का गुस्सा और FIR की धमकी
जब थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल वहाँ पहुंचे, तो गेट पर धरना देख वे बेहद नाराज हो गए। वीडियो के अनुसार, टीआई ने कड़े लहजे में भाजपा नेता का हाथ पकड़कर उठाया और कहा, “नौटंकी मत कर, वरना FIR ठोक दूंगा… यह भीड़तंत्र है क्या? थाने में भीड़ के दबाव में काम नहीं होगा।”
टीआई बघेल ने सख्त रुख अपनाते हुए भाजपा नेता से नाम पूछा और कहा, “बंसीलाल, शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में तेरे खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज कर रहा हूं… पूरा दम लगा ले, जो करना है कर ले।”
4. वीडियो वायरल होने पर एसपी की कार्रवाई
थाने के भीतर सत्ताधारी दल के नेता और पुलिस अधिकारी के बीच हुई इस तीखी बहस और ‘तू-तड़ाक’ का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
चूंकि मामला सत्तापक्ष के नेता से जुड़ा था, इसलिए रीवा एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए टीआई विजय सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन अटैच) भेज दिया।





