
Lunar Eclipse आज देश भर में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी के साथ आज आसमान में एक बड़ी खगोलीय घटना भी घटित हो रही है। आज साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। श्रावण पूर्णिमा के दिन ग्रहण का यह साया होने के कारण कई लोगों के मन में राखी बांधने और सूतक काल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे ज्योतिषियों और वैज्ञानिकों ने पूरी तरह साफ कर दिया है।
भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण, सूतक काल ‘अमान्य’
ज्योतिषाचार्यों और खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, आज लगने वाला यह गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, जबकि इसका चरम (पीक) सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा।
चूंकि ग्रहण के समय भारत में दिन का उजाला रहेगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देश में इसे नहीं देखा जा सकेगा। शास्त्रों के नियम के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल के नियम लागू नहीं होते। इसलिए देश के सभी मंदिर खुले रहेंगे और सभी शुभ कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त: पूरे दिन मनेगा त्योहार Lunar Eclipse
सूतक काल मान्य न होने के कारण बहनें बिना किसी डर या संकोच के अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं.
- श्रावण पूर्णिमा तिथि: आज सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक विशेष शुभ चौघड़िया मुहूर्त है।
- भद्रा का साया समाप्त: अच्छी बात यह है कि राखी के त्योहार में बाधा बनने वाली ‘भद्रा’ कल (27 अगस्त) को ही समाप्त हो चुकी है। इसलिए आज सूर्योदय के बाद से पूरा दिन रक्षाबंधन मनाने के लिए पूरी तरह शुद्ध और शुभ है।
आसमान में दिखेगा “अधूरा ब्लड मून”, 96% हिस्सा डूबेगा अंधेरे में
भले ही भारत के लोग इसे न देख पाएं, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह इस दशक के सबसे खूबसूरत चंद्र ग्रहणों में से एक है। इस आंशिक ग्रहण के चरम पर पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) चंद्रमा के लगभग 96.3 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी। इस कारण चंद्रमा पूरी तरह गायब होने के बजाय गहरे तांबे जैसे लाल रंग यानी “ब्लड मून” की तरह चमकता हुआ दिखाई देगा।
- कहाँ दिखाई देगा यह नजारा? यह खूबसूरत खगोलीय दृश्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप (जैसे स्पेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी), अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के हिस्सों में पूरी तरह दिखाई देगा।
राशियों पर ज्योतिषीय असर
भले ही भारत में सूतक न हो, लेकिन ग्रहों के गोचर के कारण ज्योतिषविदों ने कुछ राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है। इसके प्रभाव से वृषभ, कर्क, सिंह और मीन राशि के जातकों को धन के लेन-देन, सेहत और पारिवारिक रिश्तों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है, जबकि वृश्चिक और मकर राशि के लिए यह ग्रहण शुभ परिणाम लेकर आ सकता है।




