
promotion cancellation letter मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल से एक बड़ी और प्रशासनिक हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देशानुसार, पूर्व में उपनिरीक्षक और कार्यवाहक निरीक्षक से निरीक्षक (Inspector) के पद पर प्रमोट किए गए 78 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी इस कड़े आदेश के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। मुख्यालय ने साफ किया है कि दागी और जांच के दायरे में आए अधिकारियों को उच्च पदों का लाभ नहीं दिया जाएगा।
क्यों निरस्त की गई पदोन्नति? (विभागीय कारण) promotion cancellation letter
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों को पूर्व में पुलिस मुख्यालय के आदेश क्रमांक पुमु/3/काल्पनिक/स-12/1006/2026 दिनांक 13.07.2026 के द्वारा कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक से निरीक्षक के पद पर पदोन्नत कर विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया था।
पदोन्नति निरस्त करने के पीछे निम्नलिखित तीन मुख्य कारण बताए गए हैं:
- दण्ड प्रभावशील होना: संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध पूर्व का कोई विभागीय दण्ड प्रभावी था।
- विभागीय जांच (वि.जां.) लंबित होना: कई अधिकारियों के खिलाफ अंदरूनी विभागीय जांचें जारी थीं।
- आपराधिक प्रकरण: कुछ लोकसेवकों के विरुद्ध न्यायालयों में आपराधिक मामले विचाराधीन पाए गए।
नियमों के मुताबिक, इन कारणों के चलते संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) द्वारा इन्हें पूर्व में पदोन्नति पर कार्यमुक्त नहीं किया गया था और मुख्यालय को अवगत कराया गया था। इसी के मद्देनजर अब इनकी पदोन्नति को पूर्णतः निरस्त कर दिया गया है।
कार्यवाहकों के लिए विशेष निर्देश promotion cancellation letter
पुलिस महानिदेशक की ओर से हस्ताक्षरित इस आदेश में एक और महत्वपूर्ण बिंदु का उल्लेख किया गया है:
- पूर्ववत कार्य करते रहेंगे: उक्त सूची में शामिल कुछ ऐसे लोकसेवक जो पहले से कार्यवाहक (In-charge) के रूप में कार्य कर रहे थे और तकनीकी कारणों से प्रमोट नहीं हो पाए हैं, वे सभी आगामी आदेश तक अपने पुराने पदों पर ही बने रहेंगे।
- वे पुलिस मुख्यालय के आदेश दिनांक 13.07.26 के अनुसार पूर्ववत अपनी सेवाएं देते रहेंगे, लेकिन उन्हें नियमित निरीक्षक का दर्जा और लाभ नहीं मिलेगा।
निरस्त सूची में शामिल कुछ प्रमुख नाम और उनकी वर्तमान पदस्थापना
जारी की गई विस्तृत सूची में प्रदेश के अलग-अलग जिलों और बटालियनों में पदस्थ कुल 78 अधिकारियों के नाम हैं। सूची के कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- भोपाल व इंदौर संभाग: सुरेश कुमार मीना (भोपाल), अमित कुमार भावसार (जीआरपी इंदौर), अनिल अजमेरिया (नारकोटिक्स विंग इंदौर), वंदना लाकड़ा (भोपाल), शाहबाज खान (भोपाल)।
- ग्वालियर व चंबल संभाग: कुलदीप सिंह राजपूत (मुरैना), मुकेश कुमार शाक्या (भिंड), विनय सिंह तोमर (ग्वालियर), प्रशांत शर्मा (ग्वालियर), नरेंद्र बहादुर सिंह (उज्जैन)।
- जबलपुर व महाकौशल संभाग: भानु प्रताप सिंह भवेदी (मंडला), विजय कुमार पाटले (उमरिया), राकेश कुमार बघेल (छिंदवाड़ा), नरबद सिंह धुर्वे (जबलपुर)।
- अन्य प्रमुख अधिकारी: योगेश कुमार (सतना), विकास खिंची (खंडवा), रोहित कछावा (धार), विजय सागरिया (नीमच), रंजीत सिंगार (रतलाम), और प्रहलाद सिंह दलोदिया (आगर मालवा)।
निष्कर्ष promotion cancellation letter
पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा उठाया गया यह कदम यह साफ संदेश देता है कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दागी और जांच का सामना कर रहे अधिकारियों की सूची तैयार कर उनकी पदोन्नति रोकना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस महकमा अपनी छवि को सुधारने के लिए सख्त कानूनी रुख अपना रहा है।







