
ब्यूरो रिपोर्ट
रतलाम (SCN News India)। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। जिला पंचायत रतलाम में पदस्थ परियोजना अधिकारी (Project Officer) को वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त (सेवा समाप्त) कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने उनके सेवाकाल का आधा वेतन भी राजसात करने के आदेश जारी किए हैं। इस कड़े कदम से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
शासकीय योजनाओं में हेरफेर और वित्तीय अनियमितता का था आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना अधिकारी के खिलाफ पिछले काफी समय से विभागीय कार्यों में लापरवाही और सरकारी फंड के दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं और जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले विकास कार्यों के बजट में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां पाई गईं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में परियोजना अधिकारी पर लगे आरोप सही पाए गए, जिसके बाद यह कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
सेवा समाप्ति के साथ आधा वेतन राजसात
प्रशासनिक शुचिता और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत, सक्षम प्राधिकारी द्वारा परियोजना अधिकारी की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोषी अधिकारी की न सिर्फ नौकरी जाएगी, बल्कि उनके द्वारा किए गए शासकीय नुकसान की भरपाई के लिए उनका आधा वेतन भी राजसात (जब्त) कर लिया गया है।
लापरवाह अधिकारियों को सख्त संदेश
रतलाम जिला पंचायत और वरिष्ठ प्रशासनिक अमले की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने जिले के अन्य लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों को एक कड़ा संदेश दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि जनता के विकास के पैसे में हेरफेर करने वाले और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।





