
ब्यूरो रिपोर्ट
Union Cabinet Decision: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, लद्दाख में खुलेगी हाई कोर्ट की तीसरी बेंच, आम जनता को मिलेगा त्वरित न्याय
नई दिल्ली:
Union Cabinet Decision प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में देश के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों के बुनियादी ढांचे और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के नागरिकों के लिए आया है, जहां अब जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक स्वतंत्र तीसरी बेंच स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है।
दूर-दराज के नागरिकों को घर के पास मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक कदम से लद्दाख के दुर्गम और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अब तक लद्दाख के लोगों को उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए जम्मू या श्रीनगर जाना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और पैसा खर्च होता था। लद्दाख में ही हाई कोर्ट की बेंच बैठने से स्थानीय स्तर पर ही कानूनी प्रक्रियाओं का निपटारा बेहद तेजी से हो सकेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक कदम से लद्दाख के दुर्गम और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अब तक लद्दाख के लोगों को उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए जम्मू या श्रीनगर जाना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और पैसा खर्च होता था। लद्दाख में ही हाई कोर्ट की बेंच बैठने से स्थानीय स्तर पर ही कानूनी प्रक्रियाओं का निपटारा बेहद तेजी से हो सकेगा।
रेलवे नेटवर्क और नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी
न्यायिक सुधारों के साथ-साथ आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने देश के अलग-अलग राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारी-भरकम बजट को भी मंजूरी दी है:
न्यायिक सुधारों के साथ-साथ आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने देश के अलग-अलग राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारी-भरकम बजट को भी मंजूरी दी है:
- फोर-लेन हाईवे: बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार देते हुए एनएच-22 (Muzaffarpur-Sitamarhi-Sonbarsa) को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर ₹3590.73 करोड़ की लागत से फोर-लेन बनाने की मंजूरी दी गई है।
- रेलवे मल्टीट्रैकिंग: इसके अलावा भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर नई लाइनें जोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चार बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को पास किया गया है। सरकार के इन फैसलों से आम जनता के लिए यातायात सुगम होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
दूर-दराज के नागरिकों को घर के पास मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक कदम से लद्दाख के दुर्गम और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अब तक लद्दाख के लोगों को उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए जम्मू या श्रीनगर जाना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और पैसा खर्च होता था। लद्दाख में ही हाई कोर्ट की बेंच बैठने से स्थानीय स्तर पर ही कानूनी प्रक्रियाओं का निपटारा बेहद तेजी से हो सकेगा।रेलवे नेटवर्क और नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी
न्यायिक सुधारों के साथ-साथ आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने देश के अलग-अलग राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारी-भरकम बजट को भी मंजूरी दी है। बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार देते हुए एनएच-22 को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर ₹3590.73 करोड़ की लागत से फोर-लेन बनाने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर नई लाइनें जोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चार बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को पास किया गया है। सरकार के इन फैसलों से आम जनता के लिए यातायात सुगम होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
नौट –प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में देश के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों के बुनियादी ढांचे और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के नागरिकों के लिए आया है, जहां अब जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक स्वतंत्र तीसरी बेंच स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है।






