
सारणी। नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड क्रमांक 7 स्थित एक्यूप्रेशर पार्क की घटिया बाउंड्रीवॉल पर आखिरकार जेसीबी चल गई। लगातार खबरों, नोटिस और भोपाल से आई निरीक्षण टीम की जांच के बाद नगर पालिका ने विवादित निर्माण को ढहाने की कार्रवाई की। हालांकि, दीवार तोड़ने के बाद भी कई सवाल बाकी हैं। निर्माण में अन्य अनियमितताओं और निगरानी करने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
दीवार टूटी, लेकिन बाकी गड़बड़ियों का क्या?
बाउंड्रीवॉल हटाने के लिए नोटिस जारी होने के बावजूद दोबारा निर्माण शुरू किए जाने का मामला लंबे समय से चर्चा में था। कार्रवाई में देरी को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते रहे। अब जेसीबी से घटिया निर्माण हटाए जाने के बाद निगाहें शेष निर्माण की गुणवत्ता पर टिकी हैं।
8 एमएम की सरिया पर भी उठे सवाल
भोपाल से आई निरीक्षण टीम ने मौके पर निर्माण में अन्य अनियमितताएं भी देखीं। कई स्थानों पर 8 एमएम की सरिया लगाए जाने का मामला सामने आया। टीम ने नगर पालिका के टाइमकीपर को स्वीकृत स्टीमेट के अनुसार सरिया लगाने के निर्देश दिए थे। जिन स्थानों पर अनियमितताएं मिलीं, उनकी फोटोग्राफी कर आगे कार्रवाई करने को भी कहा गया था। ऐसे में सवाल है कि क्या शेष निर्माण की जांच कर उसे भी हटाया जाएगा या कार्रवाई केवल दीवार के कुछ हिस्से तक ही सीमित रहेगी?
निगरानी टीम की जवाबदेही कौन तय करेगा?
निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करना संबंधित तकनीकी अमले की जिम्मेदारी है। ऐसे में घटिया निर्माण सामने आने के बाद सब इंजीनियर और टाइमकीपर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी कैसे हुई और कथित अनियमितताओं को समय रहते क्यों नहीं रोका गया? अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करते हैं या मामला केवल निर्माण हटाने तक सीमित रह जाता है।
अध्यक्ष और सीएमओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा
किशोर बरदे, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद सारणी ने कहा कि वार्ड-7 के एक्यूप्रेशर पार्क की बाउंड्रीवॉल में घटिया निर्माण पाया गया था। नगर पालिका की टीम ने जेसीबी से घटिया निर्माण हटाया है। कार्रवाई जारी है और आगे भी जहां घटिया निर्माण मिलेगा, उसे हटाया जाएगा।
नितिन बिजवे, सीएमओ, नगर पालिका परिषद सारणी ने कहा कि जांच में घटिया निर्माण पाए जाने पर जेसीबी से उसे तोड़ा गया है। अन्य स्थानों पर भी घटिया निर्माण मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सब इंजीनियर और टाइमकीपर की भूमिका की जांच कर आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब बाकी अनियमितताओं पर कार्रवाई का इंतजार
बाउंड्रीवॉल तोड़ने की कार्रवाई के बाद अब नगर पालिका के सामने शेष निर्माण की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की चुनौती है। सवाल यही है कि क्या कार्रवाई केवल घटिया दीवार तोड़ने तक सीमित रहेगी, या निर्माण में हुई अन्य अनियमितताओं और निगरानी में लापरवाही पर भी जवाबदेही तय होगी?




