
मुख्य अभियंता को सतपुड़ा कांट्रेक्टर एशोसीएशन ने सौंपा ज्ञापन
निर्माणधीन इकाई में स्थानीय ठेकेदारों को उचित दर कार्य की रखी मांग
सारनी l मुख्य अभियंता एस के लिल्होरे को गुरुवार सतपुड़ा कांट्रेक्टर एशोसीएशन ने ज्ञापन सौंपकर
निर्माणधीन इकाई में स्थानीय ठेकेदारों को उचित दर कार्य की मांग रखी l
गुरुवार सीई ऑफिस के कांफेन्स हाल में बैठक के दौरान ठेकेदारों पांच बिंदुओं का मांग पत्र सौंपते हुए बताया की
सरकार थर्मल पावर प्लांट बनाने के पक्ष में नहीं थी, पावर प्लांट को लाने नगर बचाओ संघर्ष समिति के साथ ठेकेदारों ने संपूर्ण नगर बंद रेल रोको जैसा आंदोलन करने के बाद सतपुड़ा में बिजली घर स्वीकृत हुआ है l इसलिए कार्य में पहली प्राथमिकता स्थानीय ठेकेदारों को मिलना चाहिए l यदि ऐसा नहीं हुआ तो पुनः नगर बंद यातायात बंद और रेल रोको जैसे आंदोलन धरातल में दिखाई देंगे जिसकी संपूर्ण जबावदेही स्थानीय भेल प्रबंधन की होगी l
मुख्य अभियंता श्री लिल्होरे ने कहा की उक्त कंपनियों द्वारा निर्माण कार्यों में वर्कवल रेट नहीं है इसे संसोधन करने की आवश्यकता है l
ज्ञापन में उल्लेख किया गया की मप्र सरकार के मुखिया द्वारा कहा और कहा जा रहा है पावर प्लांट लाने का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ना हैं, लेकिन सरकार की मंसा अनुरुप निर्माणधीन इकाई में कार्य संचालित नहीं हो रहा है l
सतपुड़ा में निर्माणधीन 660 मेगावाट की बिजली इकाई का
का 9 बार टेंडर स्टैंड होने के बाद 10वी कॉल में सिंगल नाम पर 48 प्रतिशत अधिक रेट में यानि 1402,30, 50000/
कार्य,, भेल,, कंपनी ने लिया हैं, भेल ने,, पहले महारेल को कार्य दिया l महारेल ने बीबीजी कंपनी को दें दिया अब बीबीजी कंपनी कम दरों में कार्य विभाजित कर रही है, जो वर्तमान बाजार दर से रेट बहुत कम हो जाने की वजह स्थानीय ठेकेदार बेरोजगार का दंस झेल रहे हैं l
हम ठेकेदार विगत 40 वर्षो बिजली घर में सेवाएं देते आ रहे हैं, बाहरी कंपनीयां कम रेट में कार्य करवाएँ, संघ को यह नीति मान्य नहीं होने की चेतावनी दी गई है l
सतपुड़ा कांट्रेक्टर ऐशोसीएशन आप से निम्नलिखित मांग करता है l
1:- स्थानीय ठेकेदार,, सिविल -फेब्रिकेशन – इरेक्शन, इलेक्ट्रीकल, मेक्निकल कार्य करने में निपूर्ण हैं इसलिए पहली प्राथमिकता स्थानीय ठेकेदारों को वर्कवल रेट पर काम और कार्य के आधार रनिंग भुगतान किया जाए l
2:- सतपुड़ा कांट्रेक्टर ऐशोसीऐशन पंजीकृत संघ हैं, इसकी सदस्ता के बाद ही बाहरी ठेकेदारों को कार्य दिया जाए, साथ ही कम दर पर लगाए गए वाहनो के रेट संशोधित किए जाएं l
3:- लेबर सेड निर्माण कार्य की लागत बाजार रेट से बहुत कम है, रेट बढ़ाकर घाटे का दंश झेल रहे ठेकेदारों को राहत देकर शेष बचें शेड़ों का कार्य अन्य ठेकेदारों को दिए जाँए l
4:- पीईएस कंपनी द्वारा लगने वाला बेचींग प्लांट स्थानीय ठेकेदारों को दिया जाएं l
5:- सारनी बचाओ संघर्ष समिति के साथ मिलकर ठेकेदारों द्वारा नगर बंद करवाकर रेल रोको आंदोलन किया था तब जाकर पावर प्लांट सारनी में आया है, इसलिए पहली प्राथमिकता स्थानीय ठेकेदारों की संघ की उक्त मांगो को संबंधित कंपनीयों से चर्चा कर निराकरण करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया है l
साथ ही उक्त कार्यों पर यदि समन्यव नहीं बना तो नगर बचाओ संघर्ष समिति के साथ ठेकेदार संघ नगर बंद -यातायात बंद और रेल रोको जैसे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी सम्पूर्ण जबावदेही भेल प्रबंधन की होगी l




