
भोपाल। डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक तौर पर “एमपीओएम” (MPOM – Madhya Pradesh Online Minority) पोर्टल का शुभारंभ किया है।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली और इसके लाभों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
क्या है MPOM पोर्टल का मुख्य उद्देश्य?
इस एकीकृत डिजिटल मंच का प्राथमिक उद्देश्य मध्य प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदायों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी) से जुड़े नागरिकों, विशेष रूप से छात्र-छात्राओं और युवाओं को शासकीय कल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है। अब तक इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदकों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन इस पोर्टल के लाइव होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, पेपरलेस और सुगम हो जाएगी।
पोर्टल के प्रमुख लाभ और विशेषताएं:
- एक ही स्थान पर सभी योजनाएं: छात्रवृत्ति (Scholarships), कौशल विकास, स्वरोजगार लोन और अन्य सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी और आवेदन फॉर्म एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध होंगे।
- पारदर्शिता और त्वरित समाधान: ऑनलाइन आवेदन होने से आवेदनों की स्क्रूटनी जल्दी होगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। लाभार्थी सीधे अपने आवेदन का स्टेटस भी ट्रैक कर सकेंगे।
- डीबीटी का लाभ: चयनित लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और स्कॉलरशिप की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer) की जाएगी।
मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर का बयान
पोर्टल का शुभारंभ करते हुए मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘एमपीओएम’ पोर्टल तकनीक के माध्यम से अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुंचाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।





