
हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)। जनपद में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सरकारी कार्यों की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, जनपद हमीरपुर द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को एक अत्यंत आवश्यक सामान्य अनुदेश और आधिकारिक पत्र (पत्रांक: 211/सू.का.-अनुदेश/2026-27) जारी किया गया है।
इस आदेश के जरिए फर्जी पत्रकारों, अवैध रूप से प्रेस कार्ड व माइक आईडी का उपयोग करने वालों और अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए 8 प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?
सूचना विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि कतिपय व्यक्ति बिना किसी सक्षम संस्थागत अधिकार पत्र (Authorization Letter) या वैध पहचान पत्र के सरकारी कार्यालयों, कॉलोनियों और सरकारी कार्यक्रमों में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर जाते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और संविदा कर्मचारियों का डरा-धमकाकर या ब्लैकमेल कर अनुचित लाभ उठाने की शिकायतें भी लगातार मिल रही थीं। इस स्थिति पर रोक लगाने के लिए यह सख्त आदेश लागू किया गया है।
आदेश की 8 प्रमुख बातें और नए नियम:
- फर्जी और अवैध पहचान पत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध: बिना किसी वैध संस्थागत दस्तावेज या मुख्य अधिकार पत्र के खुद को सोशल मीडिया या डिजिटल मीडिया का पत्रकार बताने वालों के पहचान पत्रों को पूर्णतः अमान्य घोषित किया गया है।
- वैध पहचान पत्र की अनिवार्यता: जनपद के किसी भी शासकीय कार्यालय, तहसील, विकास खंड, चिकित्सालय या सरकारी परिसर में कवरेज के लिए वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
- सूचना कार्यालय द्वारा स्वीकृत ID ही मान्य: केवल उसी मीडिया संस्थान के अधिकार पत्र या आईडी को मान्यता दी जाएगी, जिसे जिला सूचना अधिकारी द्वारा संस्तुत (Approved) या सत्यापित (Verified) किया गया हो।
- केवल ‘माइक आईडी’ के आधार पर प्रवेश नहीं: गले में सिर्फ किसी पोर्टल या चैनल की माइक आईडी (Mic ID) लटका लेना सरकारी परिसर में प्रवेश या कवरेज का अधिकार नहीं देता है। बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति किसी प्रशासनिक अधिकारी को बाइट (Byte) के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
- WhatsApp ग्रुप सदस्यता प्रामाणिकता का आधार नहीं: जिला प्रशासन के किसी भी अनौपचारिक या निजी WhatsApp ग्रुप में जुड़े होने मात्र से किसी व्यक्ति को कवरेज करने या पत्रकारिता का कोई विशेषाधिकार नहीं मिल जाता।
- अधिकारियों को बिना सहमति वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ने पर रोक: विभिन्न अनधिकृत व्हाट्सएप या मीडिया ग्रुपों में जनपद के वरिष्ठ और विभागीय अधिकारियों को उनकी पूर्व अनुमति के बिना जोड़कर पत्रकारिता संचालित करने और अनुचित दबाव बनाने की गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। ऐसा करना घोर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
- संवेदनशील परिसरों में कवरेज की प्रक्रिया: किसी भी संवेदनशील या विशेष शासकीय संस्थान/परिसर में कवरेज की आवश्यकता होने पर पहले जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर को लिखित अनुरोध देना होगा। समन्वय के उपरांत ही अनुमति दी जाएगी।
- अवैध गतिविधियों पर कठोर विधिक कार्रवाई: इन अनुदेशों का उल्लंघन करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भ्रामक समाचार प्रसारित करने और ब्लैकमेलिंग (Blackmailing) जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





