
मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को बेदर्दी से ट्रक से कुचलने वाले मुख्य आरोपी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को पुलिस ने एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। आलीराजपुर से गिरफ्तार कर खातेगांव ले जाए जा रहे आरोपी ने रास्ते में पुलिस टीम को चकमा देकर भागने का दुस्साहसिक प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है।
गाड़ी पंचर होते ही आरोपी ने रची भागने की साजिश
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) की टीम मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू को आलीराजपुर से हिरासत में लेकर खातेगांव की तरफ आ रही थी। इसी दौरान राजोदा और बरोठा के बीच अचानक पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। पुलिसकर्मी जब गाड़ी का टायर बदलने में व्यस्त थे, तभी आरोपी अक्कू ने लघुशंका (पेशाब) जाने का बहाना बनाया।
ASI की रिवॉल्वर छीनी और पुलिस पर ही झोंक दी गोली
सुरक्षा में तैनात एएसआई (ASI) जब उसे सड़क किनारे ले गए, तो आरोपी ने अचानक उन पर हमला कर उनकी सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और खेतों की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने जब उसे ललकारा और रुकने की चेतावनी दी, तो उसने पुलिस पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायर किया, जिससे एक गोली सीधे आरोपी के दाहिने पैर के निचले हिस्से में जा लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
हालत गंभीर, प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर
शॉर्ट एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिस बल ने आरोपी को दोबारा घेराबंदी कर पकड़ा और छीनी गई सर्विस रिवॉल्वर बरामद की। उसे तत्काल देवास जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, पैर में गंभीर चोट और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी विशेष चिकित्सा (वैस्कुलर इंटरवेंशन) की आवश्यकता को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के अरबिंदो अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां वह पुलिस कस्टडी में इलाज करा रहा है।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 1 और 2 नवंबर की मध्यरात्रि को खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को इंदौर-बैतूल हाईवे पर भारी मात्रा में अवैध शराब ले जा रहे एक मिनी ट्रक को रोकने के दौरान ड्राइवर अक्कू ने कुचल दिया था, जिससे इलाज के दौरान टीआई की शहादत हो गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद टीआई के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सब-इंस्पेक्टर की नौकरी देने का एलान किया है। इस मामले में पुलिस मुख्य तस्कर राहुल जायसवाल सहित 3 अन्य आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।




