
उज्जैन। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने ADM कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, नागदा निवासी बृजेश विश्वकर्मा ने 29 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी माता के दस्तावेजों का उपयोग कर उज्ज्वला योजना के तहत फर्जी गैस कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति को जारी कर दिया गया है।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में भी शिकायत की थी। मामले की जांच खाद्य विभाग को सौंपी गई थी। खाद्य विभाग ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट ADM को भेजी थी।
इसी मामले में ADM कार्यालय में पदस्थ बाबू रोहित गोठवाल द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने गुरुवार 5 नवंबर को कलेक्ट्रेट उज्जैन में कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया।
यह कार्रवाई लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में की गई।
कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय में रिश्वत लेते कर्मचारी की गिरफ्तारी से सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और आम लोगों की शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।






