
कुकरू क्षेत्र में कॉफी (kukru khamla coffee )उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं को लेकर सेंट्रल कॉफी बोर्ड की टीम ने आज कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे से भेंट की। टीम ने कुकरू में किए गए फील्ड विजिट के दौरान प्राप्त अनुभवों एवं अध्ययन के आधार पर क्षेत्र को कॉफी उत्पादन के लिए अनुकूल बताया। टीम द्वारा कुकरू में कॉफी उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से विस्तारित करने तथा निर्धारित अवधि में उत्पादन के बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए।
बैठक में कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में कॉफी उत्पादन की संभावनाओं को स्थानीय आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए विकसित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग कॉफी बोर्ड के सुझावों के आधार पर समन्वित एवं चरणबद्ध एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।

जल उपलब्धता पर विशेष फोकस
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि कॉफी उत्पादन के लिए जल की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। (kukru khamla coffee ) उन्होंने ‘रिज टू वैली’ एप्रोच के तहत कुकरू क्षेत्र में वाटरशेड प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति की कार्रवाई करने तथा आवश्यकतानुसार जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और कॉफी उत्पादन की गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़कर दीर्घकालिक एवं टिकाऊ मॉडल विकसित किया जाए।
किसानों को प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के निर्देश
कलेक्टर ने कृषि विभाग को आत्मा परियोजना के माध्यम से किसानों के एक्सपोजर विजिट आयोजित कराने के निर्देश दिए, ताकि किसान कॉफी उत्पादन की उन्नत तकनीकों और सफल मॉडल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने एनआरएलएम को कुकरू क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के लिए इच्छुक एवं उपयुक्त किसानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉफी बोर्ड के माध्यम से चयनित किसानों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिलाने के लिए भी कहा। प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को आगे मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी कॉफी उत्पादन की तकनीकों से अवगत करा सकें।

वन समितियों को भी किया जाए सक्रिय
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कुकरू क्षेत्र में कार्यरत वन समितियों को भी सक्रिय करते हुए प्रशिक्षण एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को कॉफी उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक समन्वय करने को कहा।
कॉफी बोर्ड के साथ एमओयू पर चर्चा
बैठक में कॉफी उत्पादन के क्षेत्र में नॉलेज पार्टनर के रूप में कॉफी बोर्ड के साथ एमओयू करने पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पादन संबंधी मार्गदर्शन, बेहतर कृषि पद्धतियों एवं आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि कुकरू में कॉफी उत्पादन (kukru khamla coffee ) को केवल एक कृषि गतिविधि के रूप में न देखते हुए इसे क्षेत्र की आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन से भी जोड़ा जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को कॉफी बोर्ड के सुझावों के आधार पर स्पष्ट जिम्मेदारियों एवं समय-सीमा के साथ एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ श्री अरिहंत कोचर, डीएफओ श्री ध्रुव श्रीवास्तव, कॉफी बोर्ड एवं सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट के ज्वाइंट डायरेक्टर श्री एन. नंदगोपाल, डिवीजनल हेड डॉ. रौद्रगोड़ा, डॉ. सोमानाथगोड़ा, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी, उप संचालक उद्यानिकी, कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





