
mp police promotion: मप्र पुलिस में बंपर प्रमोशन, 157 ASI बने सब इंस्पेक्टर, PHQ ने सूची जारी की है। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मैदानी स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा पदोन्नति आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के mp police promotion तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों में पदस्थ कुल 157 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) / कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षकों को सब इंस्पेक्टर (SI) यानी उप निरीक्षक (जिला पुलिस बल) के पद पर प्रमोट किया गया है।
रिव्यू डीपीसी (DPC) के बाद जारी हुआ अंतिम आदेश
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) द्वारा पूर्व में जारी आदेश क्रमांक पुमु/3/कार्मिक/स-12/1033/2026 दिनांक 20.07.2026 के तारतम्य में रिव्यू डीपीसी आयोजित की गई थी। इस समिति के प्रतिवेदन और अनुशंसा के आधार पर योग्य पाए गए लोक सेवकों को वित्तीय वेतनमान पे-मैट्रिक्स लेवल-9 (9300-34800+3600) के तहत अस्थाई / स्थानापन्न रूप से आगामी आदेश तक उप निरीक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नत कर पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूची में शामिल प्रमुख नाम और वर्तमान जिले mp police promotion
जारी की गई कुल 157 अधिकारियों की विस्तृत सूची में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, छिंदवाड़ा, बैतूल और सागर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों के एएसआई शामिल हैं। सूची के शुरुआती नामों में कृष्ण कुमार शुक्ला (जबलपुर), यादवेंद्र गिरी (जबलपुर), सुनील शर्मा (पीटीआरआई भोपाल), परवीन खान (भोपाल शहर) और अजय सिंह रघुवंशी (हरदा) समेत अन्य वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। इस पदोन्नति से पुलिस विभाग के निचले अमले में हर्ष का माहौल है।
दागी और निलंबित पुलिसकर्मियों पर रहेगा सख्त प्रतिबंध (PHQ की गाइडलाइन)
पुलिस मुख्यालय ने पदोन्नति आदेश के साथ ही सभी जिला इकाई प्रमुखों (एसपी और कलेक्टर्स) के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
- यदि सूची में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी के विरुद्ध विभागीय जांच, कोई आपराधिक मामला दर्ज है या न्यायालय में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभियोजन की स्वीकृति दी जा चुकी है, तो उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
- वर्ष 2025 के नियमों के तहत जो भी अधिकारी अपात्र पाए जाएंगे, उनकी पदोन्नति पर तत्काल रोक लगाकर वस्तुस्थिति से पीएचक्यू को अवगत कराना होगा।
- जिन एएसआई ने अपना मूलभूत प्रशिक्षण उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें भी इस पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।
पीएचक्यू ने साफ किया है कि यदि नियमों की अनदेखी कर किसी दागी या अपात्र पुलिसकर्मी को कार्यमुक्त किया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिला इकाई प्रमुख (SP) की होगी।







