
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष (samiksha baithak betul) में जिले में हुई मातृ एवं बाल मृत्यु के प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रकरणों में परिजनों की उपस्थिति में संबंधित चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं से उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने प्रकरणों में परिजनों से भी सीधे संवाद कर घटनाक्रम एवं उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की और लापरवाह संबंधित डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर डॉ.सोनवणे ने 30 अप्रैल को रातामाटी निवासी वैशाली धुर्वे की मातृ एवं बाल मृत्यु के प्रकरण की विस्तार से समीक्षा की। (samiksha baithak betul) उन्होंने संबंधित चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स से महिला को दिए गए उपचार, प्रसव के दौरान की गई कार्रवाई तथा उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में गंभीरता से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मृतका के पति रमेश धुर्वे से भी घटना एवं उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने प्रकरण में शामिल सभी संबंधित चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स के विरुद्ध विभागीय जांच किए जाने के सख्त निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
इसी प्रकार मुलताई निवासी रोशनी कमल नाथ के मातृ मृत्यु प्रकरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित चिकित्सकों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता से महिला की जांच, उपचार तथा उपचार प्रोटोकॉल के पालन की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी करने तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रकरण की उपचार प्रोटोकॉल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सेहरा में सीता मनोज के मातृ मृत्यु प्रकरण की समीक्षा के दौरान भी कलेक्टर ने उपचार में लापरवाही से जुड़े संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध जांच किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कमिश्नर हेल्थ सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र भेजने तथा प्रकरण में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इलाज की उम्मीद लेकर आए गरीब परिवारों को मिले अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से प्रसव, सीजर अथवा ब्लड उपलब्ध कराने में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में मुख्य रूप से वे मरीज उपचार के लिए आते हैं, जो निजी अस्पतालों में उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में किसी गरीब और जरूरतमंद मरीज या उसके परिजन से इलाज के नाम पर पैसे की मांग करना कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करवाना सुनिश्चित किया जाए। 
(samiksha baithak betul)
उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में अस्पताल पहुंचने वाला परिवार स्वास्थ्यकर्मियों पर भरोसा करता है। उस भरोसे को बनाए रखना प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी की जिम्मेदारी है। गरीब और जरूरतमंद परिवार से उपचार के नाम पर एक रुपया भी अनावश्यक रूप से लिया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसी शिकायतों पर तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल में प्रसव संबंधी प्रशिक्षण के दिए निर्देश
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला अस्पताल में विकासखंड स्तर से आने वाले चिकित्सकों को प्रसव एवं प्रसव संबंधी जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन का आवश्यक प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते उचित उपचार एवं निर्णय लिया जा सके।







