
ब्यूरो रिपोर्ट
बैतूल जिले के खंडेलवाल परिवार ने शोक की घड़ी में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। स्व. श्री नारायण खंडेलवाल के देहांत के बाद उनके संकल्प को पूरा करने के लिए उनके पुत्र मनोज खंडेलवाल ने रात में अस्पताल पहुंचकर पिता की आंखें दान करवाई। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता का आलम यह रहा कि महज 3 घंटे के भीतर कार्निया को सुरक्षित भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचा दिया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि रात्रि में निजी चिकित्सक डॉ नूतन राठी द्वारा दूरभाष पर सिविल सर्जन डॉ.जगदीश घोरे एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विनोद बर्डे को सूचना दी कि श्री मनोज खंडेलवाल अपने पिता स्व. श्री नारायण खंडेलवाल का नेत्रदान करवाना चाहते हैं। तत्पश्चात तुरंत रात्रि 2.30 बजे डॉ विनोद वर्डे ने सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े को दूरभाष पर जानकारी दी कि जिला चिकित्सालय में नेत्रदान हुआ है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए आई बैंक में भोपाल भेजा जाना है। संवेदनशील सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े ने तत्काल वाहन की व्यवस्था करवाकर स्व. श्री नारायण खंडेलवाल के निकाले गए कार्निया को अंगदान बाक्स में गांधी मेडिकल कॉलेज, हमीदिया अस्पताल भोपाल भिजवाया, जिसे सुबह प्रातः 5.41 बजे भोपाल हमीदिया अस्पताल स्थिति आई बैंक में जमा किया गया। इस पुनीत कार्य में चेयरमेन रेडक्रास सोसायटी डॉ अरूण जयसिंगपुरे द्वारा सहयोग किया गया।




