
ब्यूरो रिपोर्ट
सारणी (बैतूल)। कोयलांचल नगरी सारणी के वार्ड क्रमांक 3 (महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड) से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और एक बुजुर्ग महिला को प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड की निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग पीड़िता रखुबाई (पति स्व. किसना पाटिल) ने अपने पड़ोसी अब्दुल अजीज और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई कलेक्टर बैतूल, पुलिस अधीक्षक बैतूल , एसडीएम शाहपुर , एसडीओपी सारणी , नायब तहसीलदार सारणी और नगर पालिका अधिकारी सारणी तक न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता रखुबाई द्वारा थाने में दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, वे पिछले 40 वर्षों से इस वार्ड में निवास कर रही हैं। घर में कोई पुरुष सदस्य न होने और अकेलेपन का फायदा उठाकर उनके घर के पीछे रहने वाले पड़ोसी अब्दुल अजीज, पिता नूर मोहम्मद और उसके परिवार द्वारा उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि अब्दुल अजीज उनके घर के पीछे की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। अजित द्वारा बाथरूम के पास जबरन अर्थिंग का तार लगाने से बाथरूम की गीली जमीन में करेंट आता था। प्रताड़ना और विवाद से तंग आकर तथा डर के साए में जीने को मजबूर बुजुर्ग महिला को अपने घर का शौचालय और कच्चा बाथरूम (नहानी) तक खुद तोड़ने के लिए विवश होना पड़ा है।
थाने में नहीं हुई सुनवाई, आरक्षक से प्रमोट हुए पुलिसकर्मी पर संरक्षण देने का आरोप
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उन्होंने सारणी थाने में इस बात की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि हाल ही में आरक्षक से प्रमोट हुए पुलिसकर्मी हीरालाल द्वारा कथित रूप से आरोपी अब्दुल अजीज को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके चलते अजित और उसके लड़के के हौसले बुलंद हैं वही पुलिस उचित कार्रवाई करने से कतरा रही है। जो जाँच का विषय है।
पीड़िता का आरोप है की हीरालाल द्वारा 3 से 4 घंटे तक थाने में बिठा कर रखा गया । और जब अजित और उसके लड़के आये तो उनके पक्ष में बातें कर महिला को ही डराया गया की तुम कही भी जा कर शिकायत करो आएगी मेरे पास ही। और मैंने लिख दिया तो तुम्हारा मकान ही टूट जाएगा। और फिर अजित से कहा की तुम तो जाओ काम शुरू करो। जिससे अतिक्रमणकारियो के हौसले बढ़ गए। और दुबारा गाली गलौच कर चार से पांच अन्य लड़कों को लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
घर के पास गंदगी और जानबूझकर विवाद का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, आरोपी परिवार द्वारा बुजुर्ग महिला के घर के ठीक सामने कचरा, सड़ी-गली चीजें, पुराने कपड़े और दवाइयों की खाली शीशियां फेंकी जा रही हैं, जिससे वहां मच्छरों और जहरीले कीड़ों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके अलावा बारिश का पानी रोकने के लिए आरोपी ने पीड़िता की बाउंड्री पर जबरन सीमेंट की शीट और छप्पर लगा दिया है, जिससे पीड़िता के घर की दीवारों में सीलन आ रही है और मकान गिरने का खतरा बना हुआ है। वही हमें जान का खतरा भी है।
जनता की मांग: खाली शासकीय भूमि पर बने आंगनवाड़ी भवन
इस पूरे विवाद के बीच वार्ड क्रमांक 3 के स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के सामने एक रचनात्मक प्रस्ताव रखा है। ग्रामीणों और वार्डवासियों का कहना है कि वर्तमान में वार्ड की आंगनवाड़ी एक किराए के भवन में संचालित हो रही है। यदि प्रशासन मुस्तैदी दिखाते हुए इस विवादित शासकीय भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जे से मुक्त करा लेता है, तो इस रिक्त स्थान का उपयोग शासकीय आंगनवाड़ी भवन के निर्माण के लिए किया जा सकता है। इससे शासकीय संपत्ति की सुरक्षा भी होगी और वार्ड के बच्चों को स्वयं का सर्वसुविधायुक्त भवन भी मिल सकेगा।
अब देखना यह है कि आला अधिकारी इस बुजुर्ग महिला की चीख सुनते हैं या फिर रक्षक और भक्षक की साठगांठ के चलते एक वृद्ध महिला को अपनी ही जमीन और सुकून से हाथ धोना पड़ेगा।
शिकायत मिलते पार्षद और पालिका कर्मचारी पहुंचे अवैध निर्माण पर लगाईं रोक /अमले के जाते ही शुरू हो गया अवैध निर्माण
शिकायत मिलते ही नगर पालिका सारणी से पार्षद एवं पालिका के राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने अब्दुल अजित और उसके लड़के सहित परिजनों को सरकारी भूमि से अवैध निर्माण पर रोक लगाने के मौखिक निर्देश दिए एवं सोमवार को नोटिस जारी करने की बात की है।
किन्तु पार्षद और नगर पालिका कर्मचारियों के जाते ही अब्दुल अजित के लड़कों ने गाली गलौच करते हुए फिर से बाउंड्री बनानी शुरू कर दी और धमकाते हुए कहा की जिसमे दम हो वो बाउंड्री तोड़ कर बताये। जिससे स्पष्ट होता है की अतिक्रमणकारी को किसी का संरक्षण प्राप्त है। और वह अवैध कार्य करते हुए भी प्रशासन को चुनौती दे रहा है।