
भोपाल: swarn samaj maha andolan विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026’ के विरोध में देशभर में जारी आक्रोश के बीच अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़े महा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है।
नए यूजीसी नियमों को ‘असंतुलित और भेदभावपूर्ण’ बताते हुए सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने आगामी 26 सितंबर को भोपाल में एक विशाल महाआंदोलन करने का फैसला लिया है।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार और यूजीसी पर दबाव बनाकर यूजीसी एक्ट 2026 को पूरी तरह वापस (Rollback) कराना है।
सवर्ण समाज की बैठक में बनी रणनीति
इस आंदोलन को लेकर भोपाल में सवर्ण समाज के विभिन्न प्रमुख सामाजिक, सांस्कृतिक और युवा संगठनों की एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नए यूजीसी कानून में केवल चुनिंदा वर्गों के खिलाफ होने वाले भेदभाव की बात कही गई है, जबकि सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि नियमों में तत्काल सुधार कर समानता और निष्पक्षता नहीं लाई गई, तो इस आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
क्या है विवाद की मुख्य वजह? swarn samaj maha andolan
यूजीसी एक्ट 2026 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘इक्विटी अपॉर्च्युनिटी सेल’ (EOC) और शिकायत निवारण समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि:
- एकतरफा नियम: इन नियमों में सामान्य वर्ग के छात्रों को सुरक्षा नहीं दी गई है।
- दुरुपयोग की आशंका: स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने के कारण सवर्ण समाज के छात्रों और प्रोफेसरों को झूठी शिकायतों में फंसाया जा सकता है।
- प्रतिनिधित्व की कमी: इन जांच समितियों में सवर्ण समाज के प्रतिनिधित्व को अनिवार्य नहीं किया गया है, जो उनके साथ अन्याय है।
देशव्यापी स्तर पर बढ़ रहा है विरोध
बता दें कि इस कानून के विरोध में हाल ही में सवर्ण समाज द्वारा 15 हजार किलोमीटर लंबी आक्रोश यात्रा भी निकाली गई थी, जो दिल्ली में महापंचायत के साथ संपन्न हुई थी। वहीं, देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनों के चलते यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां शीर्ष अदालत ने इस पर अंतरिम रोक (Stay) भी लगाई है।
इसके बावजूद, सवर्ण समाज इस ‘काले कानून’ को पूरी तरह से निरस्त कराने पर अड़ा हुआ है। भोपाल में 26 सितंबर को होने वाले इस प्रस्तावित आंदोलन में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से भारी संख्या में युवाओं, छात्रों और प्रबुद्धजनों के जुटने का दावा किया जा रहा है।






