
national player cyber terrorism ka shikar देश का नाम रोशन करने वाली एक नेशनल प्लेयर इन दिनों साइबर टेररिज्म और तंत्र की बेरुखी के कारण जिंदगी और मौत के बीच झूलने को मजबूर है। बन्नादेवी थाना क्षेत्र का यह बेहद चौंकाने वाला और घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला खिलाड़ी के चरित्र हनन (Character Assassination) की एक बड़ी और सोची-समझी साजिश रची गई है। पीड़ित खिलाड़ी का आरोप है कि उसकी धार्मिक खाटू श्याम यात्रा के वीडियो को न सिर्फ मॉर्फ (छेड़छाड़) किया गया, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर उसकी छवि को पूरी तरह धूमिल कर दिया गया। इस मानसिक प्रताड़ना के चलते खिलाड़ी को अपनों से भी हाथ धोना पड़ा है और वह बेघर हो चुकी है।
खाटू श्याम यात्रा के वीडियो से घिनौनी छेड़छाड़
पीड़ित खिलाड़ी ने बताया कि वह कुछ समय पहले राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम जी के दर्शन करने गई थी। इस यात्रा के दौरान बनाए गए एक सामान्य वीडियो को साइबर अपराधियों या विरोधियों ने डाउनलोड कर लिया। इसके बाद अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से उस वीडियो को बेहद अश्लील और आपत्तिजनक तरीके से मॉर्फ किया गया। वीडियो को इस तरह तैयार किया गया ताकि समाज में उसकी प्रतिष्ठा को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके। इस वीडियो को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कर खिलाड़ी का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
समाज और परिवार ने फेरा मुंह, बेटी हुई बेघर
इस फर्जी और मॉर्फ्ड वीडियो के वायरल होने का असर खिलाड़ी की निजी और सामाजिक जिंदगी पर बेहद क्रूर रहा। समाज के तानों और बदनामी के डर से परिवार ने भी उससे दूरी बना ली, जिसके कारण देश के लिए खेलने वाली यह बेटी आज दाने-दाने और छत के लिए मोहताज होकर सड़कों पर आ गई है। पीड़िता ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया, “मैंने अपनी बेगुनाही के सारे सबूत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिए हैं। सबूत दे-देकर मैं पूरी तरह थक चुकी हूँ, लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब आप ही बताएं कि मैं कहाँ जाकर मरूँ?”
शिकायत के बाद भी बन्नादेवी पुलिस की सुस्ती पर सवाल
पीड़िता का आरोप है कि उसने बन्नादेवी थाने में इस साइबर अपराध (Cyber Crime) और चरित्र हनन को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
न्याय की गुहार, जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष
देश के लिए मेडल जीतने का सपना देखने वाली खिलाड़ी आज गहरे डिप्रेशन और मानसिक तनाव से गुजर रही है। उसने उच्च अधिकारियों, मुख्यमंत्री और महिला आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। पीड़िता की मांग है कि इस ‘साइबर टेररिज्म’ के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब कर आईटी एक्ट (IT Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत तुरंत जेल भेजा जाए, ताकि उसे उसकी खोई हुई प्रतिष्ठा और रहने का सुरक्षित माहौल वापस मिल सके।




