
mp mausam latest update मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
इन जिलों के लिए जारी हुआ विशेष अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। जिन प्रमुख क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की गई है, उनमें शामिल हैं:
- मऊगंज, सीधी और सिंगरौली
- उमरिया, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर
इन सभी जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ संवेदनशील इलाकों में 4 से 8 इंच तक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बांधों के गेट खुले, नदियां उफान पर
लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य के प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं। भारी आवक को देखते हुए शहडोल स्थित बाणसागर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। इसके अलावा सोन, नर्मदा और अन्य सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अलर्ट रहने की हिदायत दी है।
प्रशासन की तैयारी और स्कूल बंद
बाढ़ जैसे हालातों और मूसलाधार बारिश की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सतना और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एहतियातन स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमें मुस्तैद हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
मौसम विभाग की आम जनता को सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
- भारी बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- जलभराव वाले पुराने पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- आकाशीय बिजली की चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें।






