
raktdan shivir betul जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन और ब्लड बैंक की योजनाबद्ध पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अगस्त 2026 में जिले में कुल 1,235 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इसमें विभिन्न स्थानों पर आयोजित 13 रक्तदान शिविरों से 942 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।
रक्तदान की इस व्यवस्था को मजबूत बनाने में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहल और बल्ड बैंक ऑफिसर डॉ अंकिता सीते की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण रही है। रक्तदान शिविरों की कार्ययोजना कलेक्टर के समक्ष रखे जाने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए गतिविधियों को योजनाबद्ध और निरंतर रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिले में शिविरों का क्रम बढ़ा और स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक करने के प्रयास भी तेज हुए।
शिविरों से 942 यूनिट, कुल संग्रह 1,235 यूनिटraktdan shivir betul
अगस्त में आयोजित रक्तांजलि सहित 13 रक्तदान शिविरों से जहां 942 यूनिट रक्त प्राप्त हुआ, वहीं ब्लड बैंक सहित अन्य माध्यमों से हुए रक्तदान को मिलाकर महीने का कुल संग्रह 1,235 यूनिट तक पहुंच गया। खास बात यह है कि अब लोग केवल शिविर या आपातकालीन अपील का इंतजार नहीं कर रहे हैं, बल्कि स्वयं ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान कर रहे हैं। जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर रक्तदान करने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है।
सिकल सेल, थैलेसीमिया और गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत
रक्त संग्रह बढ़ने का सीधा लाभ जरूरतमंद मरीजों को मिला। अगस्त माह में ब्लड बैंक द्वारा 80 सिकल सेल मरीजों और 43 थैलेसीमिया मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 102 एएनसी यानी गर्भवती महिलाओं को बिना एक्सचेंज और निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया गया। सिकल सेल और थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के साथ जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने ब्लड बैंक की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाया है। इसका उद्देश्य यही है कि गंभीर परिस्थितियों में मरीज या उनके परिजनों को रक्त के लिए परेशान न होना पड़े।
कलेक्टर की मॉनिटरिंग, डॉ. अंकिता सीते की टीम मैदान में सक्रिय
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के मार्गदर्शन में रक्तदान अभियान को केवल एक-दो शिविरों तक सीमित रखने के बजाय नियमित व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं ब्लड बैंक ऑफिसर डॉ. अंकिता सीते और उनकी टीम रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर रक्त संग्रह बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इन प्रयासों का सकारात्मक असर यह है कि जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और ब्लड बैंक तक स्वयं पहुंचकर रक्तदान करने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
दिसंबर तक का रोडमैप तैयार
raktdan shivir betul रक्तदान की इस मुहिम को अगस्त तक सीमित नहीं रखा गया है। सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 तक रक्तदान शिविरों की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सामाजिक संस्थाओं, रक्तदान से जुड़े संगठनों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के मार्गदर्शन और ब्लड बैंक ऑफिसर डॉ. अंकिता सीते की सक्रियता से आगे बढ़ रही यह पहल जिले में स्वैच्छिक रक्तदान की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। लक्ष्य है—जरूरत के वक्त किसी मरीज को रक्त के लिए भटकना न पड़े और सुरक्षित रक्त समय पर उपलब्ध हो सके।






