
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को आज e scooty बड़ी सौगात देंगे। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 19 सितंबर को ई-स्कूटी का वितरण करेंगे। यह स्कूटी “मुख्यमंत्री स्कूटी योजना ’ अंतर्गत दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। साथ ही, कॉलेज आने-जाने में भी सहूलियत होगी। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में भोपाल में सुबह 9 बजे से होगा।

प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है। योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी हो चुके हैं लाभान्वित
प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7,400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को e scooty ई-स्कूटी का वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के संचालन पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। e scooty मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ रहा है और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर तथा भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक योजना है जिसके तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एवं बालक दोनों को निःशुल्क स्कूटी दी जाती है। मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए ₹495 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। यह योजना स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जाती है।
मध्य प्रदेश के दूर-दराज़ और ग्रामीण इलाकों की मेधावी छात्र-छात्राओं को अक्सर कॉलेज आने-जाने में परिवहन की दिक्कत होती है, जिस वजह से कई बार वे उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़ देते हैं। इसी समस्या को हल करने और मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मुख्य लाभ
- 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क ई-स्कूटी दी जाती है।
- स्कूटी का रजिस्ट्रेशन, बीमा और शुरुआती खर्च सरकार वहन करती है, और रजिस्ट्रेशन विद्यार्थी के नाम पर होता है।
- इससे विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने में आत्मनिर्भरता मिलती है और पढ़ाई बीच में छूटने का खतरा कम होता है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना पात्रता शर्तें
मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह योजना बालक और बालिका दोनों के लिए है:
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| स्कूल का प्रकार | शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (स्कूल शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित) |
| परीक्षार्थी की श्रेणी | प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी (स्वाध्यायी/प्राइवेट परीक्षार्थी पात्र नहीं) |
| न्यूनतम अंक | कम से कम 70 प्रतिशत |
| रैंक | अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला बालक और प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिका — दोनों को लाभ |
| लिंग | बालक एवं बालिका दोनों पात्र |
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- 12वीं कक्षा की मार्कशीट
- मध्य प्रदेश निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- कॉलेज प्रवेश का प्रमाण (एडमिशन रसीद/प्रमाण पत्र)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
(सभी दस्तावेज़ PDF/JPEG फॉर्मेट में और 500 KB से कम साइज़ में अपलोड करने होते हैं।)
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना आवेदन प्रक्रिया
- Vimarsh Portal की आधिकारिक वेबसाइट vimarsh.mp.gov.in पर जाएं।
- नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन आईडी/पासवर्ड प्राप्त करें।
- पोर्टल पर लॉगिन करके स्कूटी योजना के आवेदन लिंक पर क्लिक करें।
- मांगी गई सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी सही-सही भरें।
- सभी ज़रूरी दस्तावेज़ स्कैन करके निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।
- फॉर्म की समीक्षा करने के बाद सबमिट करें और आवेदन रसीद सुरक्षित रखें।
आधिकारिक स्रोत
- मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में लिया गया निर्णय — जुलाई 2026
- Vimarsh Portal (मध्य प्रदेश सरकार): www.vimarsh.mp.gov.in
- मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुख्यमंत्री स्कूटी योजना योजना सिर्फ बालिकाओं के लिए है?
नहीं। मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुसार, अपने स्कूल में प्रथम स्थान पाने वाले बालक और बालिका दोनों को इस योजना के तहत स्कूटी दी जाती है।
न्यूनतम कितने अंक चाहिए?
प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में कम से कम 70 प्रतिशत अंक होना ज़रूरी है।
क्या स्वाध्यायी (प्राइवेट) परीक्षार्थी इस योजना के लिए पात्र हैं?
नहीं, केवल प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने वाले विद्यार्थी ही पात्र हैं।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना कब तक चलेगी?
मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए ₹495 करोड़ की स्वीकृति दी है।
स्कूटी किसके नाम पर रजिस्टर होगी?
स्कूटी का रजिस्ट्रेशन विद्यार्थी के नाम पर होगा; रजिस्ट्रेशन, बीमा और शुरुआती खर्च सरकार वहन करेगी।
आवेदन कहाँ किया जाता है?
आवेदन Vimarsh Portal (vimarsh.mp.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है।
एक स्कूल से कितने विद्यार्थियों को स्कूटी मिलती है?
एक स्कूल से अधिकतम दो विद्यार्थी लाभान्वित होते हैं — शर्तें पूरी करने वाला एक बालक और एक बालिका।



