
भोपाल: (ACR/CR) मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले लाखों शिक्षकों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के लिए वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (ACR/CR) लिखने की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस नई प्रणाली के लागू होने से सालों से रुके हुए शिक्षकों के प्रमोशन (पदोन्नति) की कार्रवाई को अब रफ्तार मिलेगी।
आदेश की मुख्य और महत्वपूर्ण बातें:
- शिक्षकों की पदोन्नति की तैयारी: शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन संवर्गों के शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) की कार्यवाही शीघ्र ही की जानी है। (ACR/CR) इसके लिए पुरानी विसंगतियों को दूर करते हुए यह नया चैनल निर्धारित किया गया है।
- वर्ष 2018 से कार्यरत संवर्ग पर लागू: यह नई प्रणाली उन सभी शिक्षक संवर्गों पर लागू होगी जो वर्ष 2018 से कार्यरत हैं।
- इन वर्षों के लिखे जाएंगे प्रतिवेदन: नए नियमों के तहत वर्ष 2018-2019 से लेकर वर्ष 2025-2026 तक के पुराने गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) संलग्न प्रपत्र के अनुसार लिखे जाने की व्यवस्था लागू की गई है।
- सत्र 2026-27 से नया चैनल प्रभावी: (ACR/CR) नवीन गोपनीय प्रतिवेदन चैनल चालू शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 तथा आगामी वित्तीय वर्षों के लिए पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
- शीर्ष अधिकारियों को निर्देश: उपसचिव (मध्य प्रदेश शासन, जनजातीय कार्य विभाग) श्री शंकर लाल सिंगाड़े द्वारा जारी इस आदेश के तहत जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास के आयुक्त, अनुसूचित जनजाति आयोग के सचिव और सभी क्षेत्रीय निदेशकों को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।






